
मेरठ हीरा टाइम्स ब्यूरो। पुलिस लाइन में सोमवार को साइबर क्राइम के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए साइबर क्राइम कार्यशाला का आयोजन किया गया। एडीजी डीके ठाकुर ने साइबर क्राइम को लेकर लोगों के सवालों के जवाब दिए।
एडीजी ने कहा कि साइबर क्राइम से बचाव के लिए जागरुकता बेहद जरूरी है। अगर आप जागरूक होंगे तो साइबर अपराधी अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो पाएंगे। डीके ठाकुर ने लोगों से कहा कि दो साल पहले तक साइबर क्राइम के मामले बहुत कम थे, लेकिन अब इनकी संख्या बहुत बढ़ गई है। लोग जानकारी के अभाव में अपनी सारी कमाई साइबर लुटेरों के हवाले कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस कभी भी किसी को डिजिटल अरेस्ट नहीं करती है। कोई भी सुरक्षा एजेंसी किसी को भी डिजिटल अरेस्ट नहीं करती है। ऐसे में इस तरह की कोई भी कॉल आए तो तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दें। किसी भी व्यक्ति को अपने बैंक अकाउंट या पासवर्ड की जानकारी नहीं दें। उन्होंने बताया कि साइबर अपराधियों से निपटने के लिए साइबर थाना पुलिस काम कर रही है। साइबर अपराधियों से बचाव का सबसे अच्छा तरीका जागरूकता है। सभी लोग अपने परिवार के लोगों को भी जागरूक करें कि किसी भी अंजान नंबर से आने वाली कॉल पर अगर कोई इस तरह की बात करता है कि आपका कोई अपना गिरफ्तार कर लिया गया है। कोई आपको मनी लॉड्रिंग के मामले में फंसाने की बात करता है तो घबराएं नहीं। फोन को कट कर दें। साइबर क्राइम हेल्प लाइन पर कॉल करें। एडीजी ने बताया कि अगर कहीं होटल आदि में जा रहे हैं, खाना खा रहे हैं तो अपने फोन को किसी दूसरे के फोन के पास न रखें। आजकल हैकर्स फोन का डेटा ट्रांसफर कर लेते हैं। कोई भी एप डाउनलोड करते समय देख लें। बहुत से एप आपका सारा डेटा ले लेते हैं। आपके मोबाइल में जो भी डेटा रहता है, जो फोटो डिटेल होते हैं, वे सभी एप के माध्यम से दूसरे पर पहुंच जाते हैं। साइबर क्राइम कार्यशाला में एसएसपी डॉ. विपिन ताडा, एसपी क्राइम अवनीश कुमार मौजूद रहे।