हापुड। कबीर साहित्य परिषद -भारत की मासिक काव्य गोष्ठी असौड़ा सम्पन्न हुई। काव्य गोष्ठी की अध्यक्षता संस्था के प्रांतीय अध्यक्ष सुरेन्द्र खेड़ा ने की। मुख्य अतिथि वरिष्ठ कवि विजय वत्स व मुख्य अतिथि हाफिज मोहम्मद अरशद ने की। गोष्ठी कि शुरुआत डा.सागर की सर्वधर्म समभाव की प्रार्थना से प्रारंभ हुई। गोष्ठी के आयोजक उस्ताद जमशेद माहिर पढ़ा कि…..हम से रसमन ही मिला है वो। मिला है जब भी कैसे ओरों से मिलता होगा।। कवि विजय वत्स जी ने पढ़ा कि…हम तो सबसे ही प्यार करते हैं। जान सब पर ही, निसार करते हैं। डा.नरेश सागर ने पढ़ा कि…. खुदगर्जी की ओढ़ के चादर,सोए हुए हैं शहर के लोग। संस्था के संस्थापक महासचिव डा. सागर ने ये भी कहा कि….हमनें हाथ पकड़ने सीखें है टांग खींचना नहीं। कार्यक्रम में अंकित इंकलाब, मुकेश प्रजापति, विजय वर्मा हिंद, बुद्ध प्रकाश नबाव, सचिन सागर, लोकेश अकेला , रजनीश पायलेट आदि उपस्थित रहे साझा मंच संचालन अंकित इंकलाब व डा.सुनील सरकार ने किया।
