
मेरठ हीरा टाइम्स ब्यूरो। श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर सदर मेरठ में चल रही महापुराण भागवत कथा चतुर्थ दिवस पर डॉ .रामप्रकाश शास्त्री ने सम्पूर्ण श्रीराम कथा का संक्षिप्त में वर्णन किया । उन्होंने कहा कि जैसे आज हम प्रभु श्रीराम की महागाथा का गायन कर रहे हैं। वैसे ही हमारे जीवन का इतिहास भी अदृश्य पृष्ठों पर अंकित हो रहा है। हमारे जीवन का कोई पृष्ट ऐसा न हो कि हमारी आने वाली पीढ़ी का सिर संकोच से झुक जाये। भारतीय इतिहास मे गंगा पुत्र भीष्म पितामह द्वारा जो न हो सका उससे कहीं बड़ा कार्य गिद्ध होकर भी जटायू ने माता जानकी को बचाने में अपने पंख कटवाये । महाबली दशानन से घायल अवस्था में भी संग्राम किया । और प्राणों की आहुति दे दी । वे प्रभु राम अपने पिता का अन्तिम संस्कार न कर सके । कथा समापन पर श्री कृष्णप्राकट्य कथा सुनाई । नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की भजन पर भक्तों ने नृत्य किया । और उत्सव मनाया गया । माखन मिश्री खिलौने चाकलेट आदि विविध प्रकार के वस्तुओं का वितरण किया गया ।