
वृंदावन कॉरिडोर के लिए 510 करोड़ दान देने की बात कही थी, दर्ज हैं 25 मुकदमे
आगरा एजेंसी। आगरा के रियल एस्टेट कारोबारी प्रखर गर्ग के घर पर म्क् की रेड पड़ी है। कई टीमें आगरा, नोएडा सहित अन्य ठिकानों पर सर्चिंग कर रही हैं। आगरा में बुधवार सुबह 7 बजे करीब 8 गाड़ियों से टीम पहुंची। दो महीने पहले प्रखर गर्ग पर 9 करोड़ के फ्रॉड की थ्प्त् दर्ज की गई है। इन पर धोखाधड़ी के 25 मुकदमे दर्ज हैं। एक साल पहले उन्होंने वृंदावन कॉरिडोर के लिए 510 करोड़ रुपए दान देने की इच्छा जताई थी, जिसके बाद वो सुर्खियों में आए थे। घर में प्रखर गर्ग मौजूद नहीं: थाना हरीपर्वत के द्वारिका पुरम में प्रखर गर्ग का आशा विला है। घर में म्क् की टीम मौजूद हैं। फिलहाल घर में प्रखर गर्ग मौजूद नहीं हैं। टीम ने सभी दस्तावेज कब्जे में ले लिए हैं। लैपटॉप, कंप्यूटर को खंगाला जा रहा है। अभी कोई अधिकारी कार्रवाई पर बोलने को तैयार नहीं है। जी होटल का पहला-दूसरा फ्लोर खरीदा था: आगरा के ट्रांसपोर्ट नगर निवासी अरुण सौंधी ने थाना हरीपर्वत में मुकदमा दर्ज कराया है। उनका आरोप है कि अप्रैल 2018 में सेंट्रल बैंक रोड पर जी होटल का दूसरा और तीसरा फ्लोर खरीदने के लिए 5 करोड़ रुपए में डील त्ड इन्फ्रा वैन्चर्स के डायरेक्टर प्रखर गर्ग, सतीश गुप्ता, सुमित कुमार जैन और मुकेश कुमार जैन से तय हुई। पीड़ित ने 2.82 करोड़ नेफ्ट द्वारा दिए थे। जब इनसे रजिस्ट्री कराने के लिए कहा गया तो इन्होंने कहा कि द्वारिकापुरम कमला नगर की अपनी प्रॉपर्टी हमें बेच दो, उसके जो रुपए मिलेंगे, उसे जी होटल की संपत्ति में एडजस्ट कर लेंगे। इसके अलावा महेंद्र बाधगनी की ओर से दिए गए तीन फ्लैट के एक करोड़ रुपए भी जी होटल संपत्ति के पेमेंट में शामिल कर लेंगे। उनके कहने पर द्वारिकापुरम कमला नगर के ग्राउंड और थर्ड फ्लोर के बेचने का सौदा 1.56 करोड़ रुपए में तय हुआ। इसके बाद 3 अगस्त 2019 की रजिस्ट्री कर दी। इसके बदले में जो चेक दिए गए थे, वो बाउंस हो गए।