
मेरठ। रघुनाथ गर्ल्स पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज मेरठ के रविंद्रनाथ टैगोर सांस्कृतिक क्लब, इंडियन लैंग्वेज कल्चर एंड आर्ट सेल तथा भातखंडे संस्कृत विश्वविद्यालय, लखनऊ के समन्वय से आयोजित तीन दिवसीय लोक कला कार्यशाला का समापन कार्यक्रम हुआ।
महाविद्यालय की प्राचार्या तथा क्लब की इंचार्ज प्रो. निवेदिता मालिक के निर्देशन में आज का कार्यक्रम संपन्न हुआ। महाविद्यालय की चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर नीलम सिंह ने माँ सरस्वती के सम्मुख द्वीप प्रज्जवलन करके समापन कार्यक्रम की शुरुआत की।
अंतिम दिन श्लोक कलाओं के बदलते परिदृश्य पर विशिष्ट व्याख्यान का आयोजन कर उसके विभिन्न आयाम पर प्रकाश डाला गया। जहां प्रारंभिक और पारंपरिक रूपों में लोक कलाओं के सृजन के लिए प्राकृतिक एवं पारंपरिक तकनीक और माध्यमों का प्रयोग किया जाता था।
इस सेल की इंचार्ज प्राचार्या प्रोफेसर निवेदिता मलिक ने इस प्रोग्राम के आयोजन पर हर्ष व्यक्त करते हुए क्लब के सभी सदस्यों को बधाई दी । और भविष्य में ऐसे और भी आयोजन करने की आशा की।
व्याख्यान में क्लब की सचिव प्रोफेसर अर्चना रानी ने अपने वक्तव्य में चर्चा करते हुए कहा कि भारत वर्ष विभिन्न संस्कृतियों का देश है । जहां अतीत के प्रति अनुराग हमेशा से रहा है ।
लोक कलाएं हमारी संस्कृति की आत्मा है और हमें इन्हें हमेशा जीवंत रूप में आगे लेकर चलना चाहिए।
अंत में रविंद्रनाथ टैगोर कल्चरल क्लब की सचिव प्रोफेसर अर्चना रानी ने महाविद्यालय की प्राचार्या तथा मुख्य अतिथि के रूप में पधारी महाविद्यालय की चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर नीलम सिंह का तथा क्लब के सदस्यों एवं प्रतिभागिता करने वाली छात्राओं को धन्यवाद एवं शुभकामनाएं प्रेषित की।
इस अवसर पर क्लब की कोषाध्यक्ष अंजलि गुप्ता एवं समन्वयक सदस्यों में डॉ. किरण शर्मा, डॉ.प्रीति, डॉ. स्वाति शर्मा, डॉ.ममता, डॉ.नाजिमा इरफान, डॉ.उपासना सिंह, मिस हिना यादव, हिमानी एवं हेमंत शुक्ला का सहयोग रहा।