
मेरठ। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ठंड और घने कोहरे का असर लगातार बना हुआ है। शुक्रवार को भी मेरठ में सर्दी ने लोगों को बेहाल रखा। लगातार दूसरे दिन मेरठ प्रदेश का सबसे ठंडा शहर रहा। मेरठ और चित्रकूट में न्यूनतम तापमान समान रूप से 5.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, हवा की रफ्तार थमने से वायु गुणवत्ता बिगड़ गई और मेरठ प्रदेश का पांचवां सबसे प्रदूषित शहर दर्ज किया गया।
बीते दो दिनों से तड़के सुबह शहर और आसपास के इलाकों में घना कोहरा छा रहा है। धूप देर से निकलने के कारण ठंड का असर दिनभर महसूस किया जा रहा है। गुरुवार देर रात करीब साढ़े तीन बजे बेगमपुल, माल रोड और हापुड़ रोड जैसे खुले क्षेत्रों में दृश्यता बेहद कम हो गई थी। कई स्थानों पर विजिबिलिटी एक मीटर से भी नीचे चली गई, जिससे वाहनों की रफ्तार थम सी गई।
मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार सुबह सात बजे दृश्यता मात्र 25 मीटर दर्ज की गई। शहर के अधिकांश इलाकों में घना कोहरा छाया रहा। दोपहर करीब सवा 12 बजे मौसम साफ हुआ और धूप निकली। दिन का अधिकतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक पिछले कुछ दिनों से चल रही उत्तर-पश्चिमी और पूर्वी हवाएं थमने के कारण प्रदूषण का स्तर बढ़ गया। गुरुवार रात करीब नौ बजे के बाद वायु गुणवत्ता लगातार खराब होती चली गई। पल्लवपुरम और जयभीम नगर क्षेत्रों में पीएम 2.5 का स्तर 400 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से ऊपर दर्ज किया गया। शुक्रवार शाम छह बजे इन दोनों निगरानी केंद्रों पर वायु गुणवत्ता सूचकांक 358 रहा।
खराब हवा का सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। सांस संबंधी रोगियों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
शुक्रवार शाम चार बजे विभिन्न शहरों का वायु गुणवत्ता सूचकांक इस प्रकार रहा— ग्रेटर नोएडा 394, गाजियाबाद 382, नोएडा 376, बागपत 339, मेरठ 330 और हापुड़ 328।
