मेरठ वरिष्ठ संवाददाता। कन्हैयालाल हत्याकांड के ऊपर बनी उदयपुर फाइल्स मूवी से सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक हटाने के बाद शुक्रवार को यह फिल्म भारत के सिनेमाघरों में रिलीज हुई। मेरठ के रीगल सिनेमा हॉल में हिंदू नेता सचिन सिरोही भी अपने कई समर्थकों के साथ फिल्म का पहला शो देखने पहुंचे। जहां सचिन और उनके साथियों ने उदयपुर फाइल्स का प्रसारण रुकवाने पर महमूद मदनी और कपिल सिब्बल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसी के साथ पीएम मोदी से कन्हैयालाल के हत्यारों को जल्द से जल्द फांसी पर लटकाए जाने की मांग उठाई। शुक्रवार को अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन सिरोही अपने दर्जनों समर्थकों के साथ रीगल सिनेमा पहुंचे। हाथों में टेलर कन्हैयालाल को श्रद्धांजलि लिखे बैनर लेकर संगठन के कार्यकर्ताओं ने रीगल सिनेमा के बाहर कपिल सिब्बल और महमूद मदनी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सचिन सिरोही ने आरोप लगाया कि दहशतगर्द भारत में इस्लामीकरण की जिहाद चला रहे हैं। जिसके चलते नूपुर शर्मा के बयान का समर्थन करने पर उदयपुर में टेलर कन्हैयालाल की नृशंस हत्या कर दी गई थी। कातिलों ने देश के 110 करोड़ हिंदूओ के मुंह पर तमाचा मारते हुए इस हत्या का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया था। जिससे देश भर में दहशत फैले। इसके ऊपर निर्माता अमित जानी ने उदयपुर फाइल्स फिल्म का निर्माण किया। मगर जमीअत उलमा ए हिंद के नेता महमूद मदनी और सुप्रीम कोर्ट के वकील कपिल सिब्बल ने कोर्ट में रिट दायर कर इस फिल्म पर रोक लगवा दी। पीएम मोदी और सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म से कुछ दृश्यों को हटाकर इसे दोबारा प्रसारित करने की अनुमति दी है। इसीलिए आज हिंदू संगठन के लोग कन्हैयालाल हत्याकांड की सच्चाई सबके सामने लाने के लिए इस फिल्म को देखने आए हैं। सचिन सिरोही ने देश के सभी हिंदुओं से फिल्म को जरूर देखने की अपील की। इसी के साथ पीएम मोदी से कन्हैयालाल के परिवार को इंसाफ और कातिलों को फांसी दिए जाने की मांग की।
