सहारनपुर हीरा टाइम्स ब्यूरो। थाना साइबर क्राइम पुलिस टीम ने दक्षिण पूर्व एशिया (थाईलैण्ड, वियतनाम, लाओस तथा कम्बोडिया) के देशों में संचालित साइबर अपराध एवं साइबर स्लेवरी में प्रयुक्त सिम कार्ड बेचने वाले प्वाइंट ऑफ सेल का गैंग का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में दो शातिर महिलाओं समेत आठ आरोपियों को गिरतार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस लाइन सभागार में पत्रकारों के समक्ष मामले का खुलासा करते हुए एसएसपी आशीष तिवारी ने बताया कि थाना साइबर क्राइम पर विगत् 29 दिसम्बर 2024 मु0अ0सं0-92/24 धारा 318(4), 338बीएनएस व 66डी आईटी एक्ट पंजी.त किया गया था, जिसमें वादी रोहित धीमान पुत्र राजपाल सिंह निवासी सम्भलहेड़ी थाना गागलहेड़ी के आधार कार्ड में कूटरचना कर बिना वादी की मंजूरी के फर्जी सिम निकालने आदि सम्बन्ध में तथ्य अंकित किये गये थे। तिवारी ने बताया कि उनके व पुलिस अधीक्षक नगर/नोडल अधिकारी साइबर क्राइम के निर्देशन में तथा सहायक पुलिस अधीक्षक/उपाधीक्षक, साइबर क्राइम के नेतृत्व में घटना का संज्ञान लेते हुए तथा सहायक पुलिस अधीक्षक/पुलिस उपाधीक्षक साइबर क्राइम सहारनपुर के निकट पर्यवेक्षण में त्वरित कार्यवाही करते हुए मुकदमा में संलिप्त आम जनमानस की आईडी पर फर्जी सिम कार्ड निकालकर अनुचित लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से दक्षिण पूर्व एशिया (थाईलैण्ड, वियतनाम, लाओस तथा कम्बोडिया) के देशों में बैठे साइबर अपराधियों को ओटीपी देकर व्हास्टअप लॉगिन कराने वाली दो महिलाओं समेत 08 आरोपियों के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की गयी। जिनमें मोहत्सीन पुत्र इलयास निवासी भनेडा टांडा थाना थाना मंगलौर जनपद हरिद्वार उत्तराखण्ड, विपिन कुमार पुत्र ऋषिपाल, दुष्यंत पुत्र ऋषिपाल, मांगेराम पुत्र ऋषिपाल निवासीगण मुस्तफापुर मस्त थाना फतेहपुर, सचिन कुमार पुत्र भूषण निवासी दुल्हेड़ी थाना बडगांव, हुमा पुत्री शहजाद, अन्तरफा पुत्री जावेद निवासीगण टांडा बन्हेड़ा थाना मंगलौर जनपद हरिद्वार उत्तराखण्ड व साजन कौशिक पुत्र भूपेन्द्र कुमार निवासी रुपनगर कालोनी थाना कोतवाली जगाधरी यमुनानगर हरियाणा शामिल रहे। एसएसपी ने बताया कि आरोपी विपिन कुमार द्वारा आधार कार्ड, पेन कार्ड से लिंक करने, आधार कार्ड में संशोधन करने एवं प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर अगूंठा एवं फोटो लेने का कार्य करता था और उनको बिना बताये फर्जी सिम निकाले जाते थे। साथ ही आधार कार्ड की ओटीपी अपनी दुकान पर आये ग्राहक से पूछकर उसका फोटो आधार कार्ड से उठाकर व अपना लाइव फोटो व अन्य किसी भी व्यक्ति का लगा देता था तथा फर्जी सिम जारी कर देता था, उसने करीब 873 सिम जारी किये थे। इसके अलावा आरोपी सचिन सिम बेचने का कार्य करता था।
उसने 1000 सिम कार्ड एक्टिवेट कर अभियुक्ता हुमा को व अन्तरफा को एक्टिवेट 800 सिम कार्ड दिये थे।
आरोपी हुमा व अन्तरफा ने व्हास्टअप पर ऑनलाईन कार्य करने के नाम पर अर्न्तराष्ट्रीय व्हाटसएप ग्रुप से जुड़कर सचिन तथा साजन से लिये गये प्रत्येक सिम के ओटीपी हेतु 80 से 100 रूपये प्राप्त कर अर्न्तराष्ट्रीय व्हास्टअप ग्रुप में ओटीपी उपलब्ध कराकर व्हाटसअप लोगिन कराये थे। जिनके द्वारा दक्षिण पूर्व एशिया (थाईलैण्ड, वियतनाम, लाओस तथा कम्बोडिया) के देशों में बैठे साइबर अपराधियों को ओटीपी देकर व्हास्टअप लॉगिन कराया जाता था, जिनका विदेश में बैठे साइबर अपराधियों द्वारा साइबर अपराध एवं साइबर स्लेवरी में प्रयोग किया गया। बाकि अन्य आरोपी भी इस कार्य में लिप्त थे। पुलिस ने आठो आरोपियो का चालान काटकर जेल भेज दिया।
