मेरठ वरिष्ठ संवाददाता। सोमवार को आरएलडी नेत्री ने सरधना के पीड़ितों के साथ कप्तान ऑफिस पहुंचकर थाना पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। महिला नेत्री का आरोप है कि जानलेवा हमले में आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही के स्थान पर पुलिस ने उल्टा पीड़ितों के खिलाफ ही फर्जी मुकदमा दर्ज कर दिया है। एसपी देहात ने मामले में जांच और कार्यवाही के आदेश दिए हैं।
राष्ट्रीय लोकदल की नेत्री आरुषि सिरोही के साथ सरधना के झिटकरी गांव के रहने वाले ग्रामीण एसएसपी ऑफिस पहुंचे। पीड़ितों ने एसपी देहात राकेश मिश्रा से मुलाकात की। गांव की रहने वाली पारुल ने आरोप लगाया कि बीती 23 जून को गांव के रहने वाले दबंगों ने लाठी-डंडे और धारदार हथियारों से पारुल के पति अर्जुन पर हमला किया था। जिसमें अर्जुन गंभीर रूप से घायल हुआ और अब तक जिला अस्पताल में भर्ती है। इस घटना में सोहन, विकास, प्रेम सिंह और आकाश सहित कई आरोपियों के खिलाफ सरधना थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था। आरएलडी नेत्री आरुषि सिरोही ने आरोप लगाया कि थाना पुलिस ने इस मुकदमे में कोई कार्यवाही नहीं की। बल्कि आरोपी पक्ष से सांठगांठ करके इस घटना से पूर्व की घटना दिखाते हुए पीड़ित पक्ष के खिलाफ ही एक फर्जी मुकदमा कायम कर दिया। इस फर्जी घटना में जिस व्यक्ति को नामजद किया गया है। वह घटना के समय गांव में ही नहीं था। जिसकी सीसीटीवी फुटेज भी उपलब्ध है। एसपी देहात ने सीओ सरधना को मामले में जांच और कार्यवाही के आदेश दिए हैं।
