मेरठ वरिष्ठ संवाददाता। एक स्थानीय अधिवक्ता की शिकायत पर मेडा द्वारा सरस्वती लोक स्थित जैन समाज के संत भवन को लेकर दिए गए ध्वस्तीकरण के आदेश के विरोध में सर्वसमाज के नागरिक जैन समाज के साथ हो गए हैं।
बुधवार को कॉलोनी में रहने वाले सर्वसमाज के नागरिकों ने वरिष्ठ नागरिक कल्याण समिति के बैनर तले क्षेत्र में प्रभात फेरी निकाली। हाथों में भगवा झंडे और संत भवन को बचाने से संबंधित लिखे पोस्टर लेकर सड़क पर उतरे लोगों ने मेडा से ध्वस्तीकरण के आदेश निरस्त किए जाने की मांग की। इसी के साथ अधिवक्ता और एक तथाकथित पत्रकार पर ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाते हुए प्रशासन से दोनों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई। बताते चलें कि दिल्ली रोड स्थित सरस्वती लोक में एक आवासीय भवन के अंदर जैन समाज द्वारा चैत्यालय का निर्माण किया गया है। जैन समाज के नागरिकों का कहना है कि देशभर में भ्रमण करने वाले जैन मुनि मेरठ में आने पर इस भवन में विश्राम करते हैं। जबकि कॉलोनी के रहने वाले अधिवक्ता दशमीत सिंह ने इस भवन को अवैध बताते हुए मेरठ विकास प्राधिकरण में शिकायत की थी। जांच के दौरान मौके पर किया गया निर्माण मानचित्र के अनुरूप में होने की वजह से मेडा द्वारा इस भवन के ध्वस्तीकरण के आदेश जारी किए गए हैं। जैन समाज के स्थानीय नागरिक लगातार मेडा के इस आदेश का विरोध कर रहे हैं। कॉलोनी के रहने वाले सर्वसमाज के नागरिक भी जैन समाज के साथ हो गए हैं। जिसके चलते बुधवार को वरिष्ठ नागरिक कल्याण समिति सरस्वती लोक के बैनर तले सर्वसमाज के नागरिकों ने कॉलोनी में प्रभात फेरी निकाली। सैकड़ों की संख्या में पुरुष और महिलाएं हाथों में भगवा झंडे और चैत्यालय के ध्वस्तीकारण के आदेश के विरोध में लिखे पोस्टर लेकर सड़क पर उतरे। स्थानीय नागरिक सूरजभान सिंह आरोप लगाया कि एक स्थानीय अधिवक्ता और एक तथाकथित पत्रकार लगातार लोगों को ब्लैकमेल करके परेशान कर रहे हैं। ऐसे में इस भवन के ध्वस्तीकरण के आदेश देकर मेरठ विकास प्राधिकरण के अधिकारी हिंदू आस्था के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। उन्होंने मेडा के अधिकारियों से ध्वस्तीकरण का आदेश निरस्त किए जाने और ब्लैकमेलिंग करने वालों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की। इस दौरान श्रीराम जी लाल, अरविंद, विकास अग्रवाल, हरिओम शर्मा, चंद्र मोहन, सतीश बंसल, हर्षित गोयल, अशोक गर्ग, प्रदीप शर्मा, सुदेश गुप्ता, आनंद जैन, सुरेश जैन आदि मौजूद रहे।
