मेरठ हीरा टाइम्स ब्यूरो। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की रजत जयंती श्रृंखला के अंतर्गत जैव प्रौद्योगिकी महाविद्यालय, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मेरठमें एक बहुआयामी योग कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ भारतीय सांस्कृतिक परंपरा के अनुसार माँ सरस्वती की वंदना और दीप प्रज्वलन से हुआ। इस अवसर पर अधिष्ठाता एवं योगाचार्य ने माँ सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर ज्ञान और चेतना के प्रतीक इस आयोजन को शुभारंभ प्रदान किया। कार्यक्रम की गरिमा कोयोग एवं भारतीय दर्शन के ज्ञाताओं की उपस्थिति ने और भी बढ़ाया। दीप कमल शर्मा डॉ. यशपाल सिंह त्यागी, जो कि ख्याति प्राप्त योगाचार्य हैं, ने योग के वैज्ञानिक, दार्शनिक और व्यावहारिक पक्षों पर प्रकाश डाला डॉ. यशपाल सिंह त्यागी ने महाविद्यालयके छात्र छात्राओं शिक्षको तथा कर्मचारियों को योग का महत्व बताया। योग साधना के योगाचार्य दीप कमल शर्मा ने संबोधित करते हुए कहा कि“आज की भागदौड़ भरी दुनिया में योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य का नहीं, बल्कि मानसिक संतुलन, आत्मानुशासन और सार्वभौमिक एकता का मार्ग है। यह भारत की संस्कृति से निकला अमूल्य उपहार है, जिसे अब पूरी दुनिया अपना रही है।”योग द्वारा कई रोगों पर नियंत्रण पाया जा सकता है। इस अवसर परकॉलेज ऑफ बायोटेक्नोलॉजी के अधिष्ठाता डॉ. आर.एस. सेंगर ने कहा योग केवल व्यक्तिगत कल्याण का माध्यम नहीं है, बल्कि यह सामाजिक और वैश्विक स्वास्थ्य की कुंजी भी है। इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों में संतुलित जीवन शैली और अनुशासन की भावना जाग्रत करते हैं। प्रोफेसर डॉ. रेखा दीक्षित ने कहा आज के युवा जिस मानसिक दबाव और जीवनशैली से जूझ रहे हैं, उसमें योग उन्हें आत्मचिंतन, मानसिक स्पष्टता और सशक्तता प्रदान करता है। यह आयोजन हमारे छात्रों को शारीरिक ही नहीं, वैचारिक रूप से भी सबल बनाता है। डॉ. पंकज चौहानने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहारूष्योग का अभ्यास जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण और कार्यकुशलता को बढ़ाता है। कार्यक्रम की बौद्धिक प्रस्तुति के रूप में एकभाषण प्रतियोगिताआयोजित की गई, जिसका विषय था कृ“नवभारत के निर्माण में योग की भूमिका”। विद्यार्थियों ने आत्मविश्वास और तर्कपूर्ण शैली में योग की उपयोगिता, जीवनशैली पर उसका प्रभाव और राष्ट्रीय स्वास्थ्य में उसकी भूमिका को रेखांकित किया। चित्रकला प्रतियोगिता ने कार्यक्रम को रचनात्मक और भावनात्मक आयाम प्रदान किया। छात्रों ने रंगों के माध्यम से योग की शांति, प्रकृति के साथ सामंजस्य और आध्यात्मिक उन्नयन जैसे विषयों को सुंदर चित्रों में अभिव्यक्त किया। इन कलाकृतियों ने दर्शकों को न केवल आकर्षित किया, बल्कि गहन विचार के लिए प्रेरित भी किया।
