मेरठ हीरा टाइम्स ब्यूरो। दौराला शुगर मिल के गन्ना विकास कार्यक्रम के अन्तर्गत मिल के वरिष्ठ अधिकारियों की टीम व पद्मश्री डा. बक्शीराम ने चीनी मिल से सम्बन्धित ग्रामों में गन्ना फसल का निरीक्षण किया तथा कृषकों को फसल की देखभाल के सम्बन्ध में उपयोगी जानकारी दी। इस निरीक्षण दल ने चीनी मिल गेट के ग्राम दौराला, बफावत, पबरसा, पावली, नया गाँव, सरधना, कालन्द, कालन्दी, छुर, छबडिया के विभिन्न प्रजातियों के पेडी-पौधा गन्ने की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण में फसल की बढवार अच्छी पायी गयी। कुछेक पौधा गन्ने के खेतों में फुटाव कम मिला। डा. बक्शीराम ने बताया कि इस बार मौसम में नमी व वर्षा ज्यादा होने के कारण पछेती पौधा गन्ने को फुटाव का समय व तापक्रम कम मिला है।
परन्तु फसल में यूरिया की मात्रा बढाकर इस तरह खेतों को सही किया जा सकता है। इसके लिए तत्काल ही प्रति एकड गन्ना खेत में एक बैग यूरिया का प्रयोग करें। मिल के मुख्य महाप्रबन्धक संजीव खाटियान ने बताया कि खेतों में इस बार चोटी बेधक कीडा व अन्य कीडे जैसे पायरिला, मिलीबग, ब्लैकबग आदि अत्यंत कम मात्रा में है जो कि फसल के लिए अच्छी स्थिति है फिर भी चोटी बेधक की आगे आने वाली पीढी से बचाव के लिए उन्होंने नेटजेन सी.टी.पी. आर. कीटनाशी को लगाने सलाह दी और बताया कि पौधा गन्ने के खेतों में इस रसायन का प्रयोग 40 दिन की फसल अवस्था पर हो जाना चाहिये और जिन पेडी खेतों में यह न लगा हो उनमें भी इसे तत्काल प्रयोग करें। चीनी मिल की तकनीकी टीम में जेपी तोमर, डा. प्रणव राणा, अभिषेक तोमर व रोहित त्यागी सम्मिलित रहे। क्षेत्र के प्रगतिशील गन्ना किसानो ने मिल के इस नियमित कार्यक्रम की सराहना की तथा बताये गये उपायों को अपनाने की रूपरेखा बनायी।
