श्रीनगर एजेंसी। वक्फ संशोधन एक्ट के खिलाफ दाखिल याचिकाओं पर 15 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो सकती हैै।
बता दें कि संसद के दोनों सदनों से पास होने के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी इस बिल को मंजूरी दे दी है। मुस्लिम समुदाय और विपक्ष इस एक्ट का लगातार विरोध कर रहा है. अब तक इस मामले में कुल 14 याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई हैं, जिन पर 15 अप्रैल को सुनवाई हो सकती है। डीएमके ने भी वक्फ संशोधन एक्ट को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। याचिका में कहा गया है कि यह तमिलनाडु के करीब 50 लाख मुस्लिमों और देश भर के 20 करोड़ मुसलमानों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है। तमिलनाडु विधानसभा ने 27 मार्च को केंद्र से विधेयक वापस लेने की अपील करते हुए प्रस्ताव पारित किया है।. आरजेडी ने भी वक्फ एक्ट के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। इसके अलावा कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी भी वक्फ एक्ट के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं।mजम्मू-कश्मीर विधानसभा में मंगलवार को लगातार दूसरे दिन नए वक्फ कानून पर हंगामा हुआ। नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायकों ने सदन में बिल पर चर्चा की मांग करते हुए नारेबाजी की। इस दौरान छब् और भाजपा विधायकों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। इससे पहले सोमवार को एनसी के विधायक ने सदन में वक्फ कानून की कॉपी फाड़ दी। एक एनसी विधायक ने अपनी जैकेट फाड़कर सदन में लहराई। इसके बाद स्पीकर ने सदन की कार्रवाई पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी। छब् समेत अन्य दलों ने वक्फ कानून के खिलाफ रेजोल्यूशन लाने की बात कही थी। वक्फ संशोधन बिल (अब कानून) 2 अप्रैल को लोकसभा और 3 अप्रैल को राज्यसभा में पास हुआ था। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बिल को 5 अप्रैल की देर रात मंजूरी दी। सरकार ने नए कानून को लेकर गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। अब कानून लागू करने के लिए केंद्र नोटिफिकेशन जारी करेगा। वक्फ कानून के खिलाफ ैब् में 11 याचिकाएं दर्ज नए वक्फ कानून की संवैधानिकता के खिलाफ जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अलावा सुप्रीम कोर्ट में 7 अप्रैल तक 11 या काएं दाखिल की जा चुकी हैं। जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने कहा कि हमारी राज्य इकाइयां भी हाईकोर्ट में कानून को चुनौती देंगी। सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाओं पर सुनवाई को लेकर सोमवार को कहा वह नए वक्फ कानून की संवैधानिकता को चुनौती देने वाली याचिकाओं को लिस्ट करने यानी सुनवाई पर फैसला करेंगे। जमीयत उलेमा-ए-हिंद के वकील कपिल सिब्बल ने अदालत से अर्जेंट हियरिंग की मांग की थी। इस पर ब्श्रप् संजीव खन्ना ने कहा- आप वकीलों से कहें कि हमें मेल या पत्र भेजें। इस पर सिब्बल ने कहा कि यह प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट में अर्जेंट हियरिंग के लिए ओरल मेंशनिंग यानी जुबानी अपील की व्यवस्था खत्म हो चुकी है। सिबब्ल के बाद ब्श्रप् संजीव खन्ना ने कहा- ठीक है, हम पत्र और मेल देखेंगे। इन पर फैसला लिया जाएगा। हम इन्हें लिस्ट करेंगे।
