सहारनपुर हीरा टाइम्स ब्यूरो। श्री दिगंबर जैन मंदिर जैन बाग में आगामी 10 जुलाई को आचार्य श्री 108 विमर्श सागर महाराज के सान्निध्य में चातुर्मास कलश स्थापना की जायेगी। इस दौरान सहारनपुर में देशभर से श्रद्धालु पहुंचेंगे। कलश स्थापना उन्हीं पुण्यशाली श्रावकों द्वारा की जाएगी, जिनका चयन आचार्य श्री के निर्देशन में किया जाएगा। पत्रकारों से बातचीत करते हुए आचार्य 108 विमर्श सागर महाराज ने दिगंबर मुनियों की जीवन चर्या पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मुनि जीवन पूरी तरह त्याग, संयम और अहिंसा पर आधारित होता है। मुनि नंगे पांव चलते हैं, ताकि किसी भी सूक्ष्म जीव की हिंसा न हो। वे दिन में एक बार ही आहार लेते हैं, वह भी तभी जब विधि पूर्वक आहार की व्यवस्था मिले। अन्यथा वह उपवास कर अगले दिन तक प्रतीक्षा करते हैं। उन्होंने कहा कि केवल बाहरी वस्त्रों का त्याग ही नहीं, बल्कि मन से राग-द्वेष, लालच और मोह का त्याग ही वास्तविक संतत्व है। दिगंबर संत सभी प्राणियों को समान .ष्टि से देखते हैं और सभी के कल्याण की भावना रखते हैं। आचार्य श्री ने बताया कि सावन और भाद्रपद मास में सूक्ष्म जीवों की उत्पत्ति अधिक होती है, इसलिए जैन मुनि इन चार महीनों में एक ही स्थान पर चातुर्मास करते हैं। इस दौरान वे तप, स्वाध्याय, प्रतिक्रमण और धर्मप्रवचनों के माध्यम से समाज को मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि आत्मिक उन्नति के लिए व्यक्ति को मन की खिड़कियां खोलनी होंगी, जिससे ज्ञान का प्रकाश भीतर तक पहुंच सकंे। संतों का जीवन उसी आत्म-ज्ञान और आराधना का प्रतीक होता है। इस अवसर पर जैन समाज के अध्यक्ष राजेश कुमार जैन, संरक्षक राकेश जैन, महामंत्री संजीव जैन सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
