
शहर में एक ऐसी दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है जिसने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नौचंदी पुलिस पर आरोप है कि उन्होंने अमानवीयता दिखाते हुए सड़क किनारे पड़े एक युवक के शव को उठाकर दूसरी जगह जाकर फेंक दिया। घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है।
मामला शास्त्रीनगर स्थित कैपिटल अस्पताल के पास का है, जहां सड़क किनारे एक युवक मृत अवस्था में पड़ा था। आरोप है कि नौचंदी पुलिस के कुछ कर्मियों ने शव को ई-रिक्शा में डालकर लोहियानगर थाना क्षेत्र के पीटीएस मार्ग पर स्थित एक दुकान के सामने छोड़ दिया। सुबह जब दुकानदार पहुंचा तो उसने शव देखकर यूपी-112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी।
दुकानदार रोनित कुमार, निवासी काजीपुर, रोज की तरह सुबह करीब 9:30 बजे अपनी दुकान पर पहुंचे। दुकान के बाहर पड़े युवक को देखकर उन्होंने पास आकर हिलाया, लेकिन युवक मृत था। रोनित ने तत्काल यूपी-112 पर कॉल किया, जिसके बाद पीआरवी और लोहियानगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद उसे पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया गया।
इस बीच दुकान पर लगे CCTV फुटेज में चौकाने वाला सच सामने आया—वीडियो में स्पष्ट दिखा कि दो पुलिसकर्मी एक ई-रिक्शा से शव को लाकर दुकान के सामने छोड़ रहे हैं। वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल होते ही कार्रवाई शुरू हुई।
पुलिस अधिकारियों ने जिम्मेदारों पर सख्ती दिखाते हुए चौकी इंचार्ज और फैंटम सिपाही को तत्काल निलंबित कर दिया। वहीं घटना में शामिल होमगार्ड को बर्खास्त करने के लिए कमांडेंट को पत्र भेजा गया है।
इस घटना ने पुलिस की संवेदनहीनता और कार्यप्रणाली पर गंभीर चिंता जताई है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब पुलिस ही जिम्मेदारी से भागती दिखे, तो आम जनता की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी?
शव की पहचान न हो पाने पर जब दुकानदार रोनित कुमार ने अपनी दुकान के बाहर लगे CCTV फुटेज को खंगाला, तो सामने आया सच हर किसी को हैरान करने वाला था। फुटेज में स्पष्ट दिखा कि रात 1:40 बजे दो पुलिसकर्मी फैंटम बाइक पर आए, इसके कुछ ही देर बाद एक ई-रिक्शा वहां पहुंचा। ई-रिक्शा में मौजूद पुलिसकर्मियों ने शव को उतारा और दुकान के बाहर फेंककर चले गए। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो गया।
वीडियो सामने आते ही SSP ने मामले की जांच का जिम्मा सीओ सिविल लाइंस को सौंपा। जांच में खुलासा हुआ कि शव को शास्त्रीनगर स्थित कैपिटल अस्पताल के सामने से उठाया गया था और उसे लोहियानगर थाना क्षेत्र के पीटीएस रोड पर छोड़ दिया गया।
जांच में यह भी पुष्टि हुई कि यह कार्रवाई नौचंदी थाना क्षेत्र की एल-ब्लॉक चौकी से जुड़े पुलिसकर्मियों ने की। फैंटम पर तैनात सिपाही राजेश कुमार और होमगार्ड रोहिताश ने चौकी इंचार्ज जितेंद्र कुमार के निर्देश पर शव को दूसरी जगह ले जाकर फेंका था।
जांच रिपोर्ट के आधार पर SSP ने
✔ चौकी इंचार्ज जितेंद्र कुमार को निलंबित किया
✔ सिपाही राजेश कुमार को सस्पेंड किया
✔ होमगार्ड रोहिताश की बर्खास्तगी के लिए कमांडेंट को पत्र भेजा
SSP का बयान
“पुलिसकर्मियों ने पंचनामा और पोस्टमार्टम की जिम्मेदारी से बचने के लिए अपने क्षेत्र का शव उठाकर दूसरे क्षेत्र में डाल दिया। यह गंभीर लापरवाही और अमानवीय कृत्य है। चौकी इंचार्ज और फैंटम सिपाही को निलंबित कर दिया गया है। होमगार्ड पर कार्रवाई के लिए कमांडेंट को पत्र भेजा गया है। पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच जारी है। लोहियानगर पुलिस को शव की पहचान कर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।”
— डॉ. विपिन ताडा, SSP
