
कड़ाके की ठंड के चलते ट्रेनों के लगातार विलंब से दैनिक यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। समय पर घर पहुंचने के लिए मजबूर यात्री अब दिल्ली-मेरठ के बीच चलने वाली हाईस्पीड ट्रेन नमो भारत का रुख कर रहे हैं। हालांकि, पैसेंजर ट्रेनों की तुलना में नमो भारत का किराया लगभग छह गुना अधिक है, इसके बावजूद यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
शाम के पीक आवर में नमो भारत ट्रेनों की स्थिति यह है कि यात्रियों को सीट तक नहीं मिल पा रही है। मेरठ से दिल्ली जाने वाले बड़ी संख्या में कार्यालयकर्मी और दैनिक यात्री समय की बचत के लिए महंगा किराया चुकाने को मजबूर हैं।
नमो भारत ट्रेन मेरठ साउथ से आनंद विहार होते हुए न्यू अशोक नगर तक संचालित की जा रही है। वर्तमान में इससे प्रतिदिन 55 से 60 हजार यात्री सफर कर रहे हैं। यात्रियों का कहना है कि पारंपरिक ट्रेनों की अनिश्चित समय-सारिणी के कारण उन्हें विकल्प के तौर पर नमो भारत को चुनना पड़ रहा है।
रेलवे सूत्रों के अनुसार, रेवाड़ी से चलकर मेरठ कैंट पहुंचने वाली शटल ट्रेन बीते दिनों लगातार विलंब से चल रही है। रविवार को यह ट्रेन एक घंटे, जबकि शनिवार को सवा घंटे की देरी से रात 10:15 बजे मेरठ पहुंची। बीते करीब 15 दिनों से यह ट्रेन एक से डेढ़ घंटे तक विलंबित चल रही है। रविवार को उत्कल एक्सप्रेस करीब डेढ़ घंटे और शालीमार एक्सप्रेस सवा घंटे देरी से पहुंची।
दैनिक यात्रियों का कहना है कि समय पर घर पहुंचने के लिए वे नमो भारत का सहारा ले रहे हैं, लेकिन साढ़े छह गुना किराया चुकाने के बावजूद पीक आवर में सीट न मिलना उनकी नई चिंता बन गया है।
मिनटों में फुल हो जाती है नमो भारत
आनंद विहार से मेरठ साउथ तक नमो भारत ट्रेन का किराया 130 रुपये है, जबकि नई दिल्ली से मेरठ कैंट तक चलने वाली शटल ट्रेन का किराया मात्र 20 रुपये है। जनशताब्दी ट्रेन से सफर करने पर 85 रुपये और एक्सप्रेस ट्रेनों में 45 रुपये किराया देना होता है। अधिकांश दैनिक यात्रियों ने मासिक पास बनवा रखा है, जिसका शुल्क 355 रुपये है।
दैनिक यात्री तरुण मेहता का कहना है कि ठंड के मौसम में सभी को समय पर घर पहुंचने की जल्दी रहती है। बड़ी संख्या में यात्री आसपास के कस्बों में जाते हैं। ऐसे में शटल ट्रेन के लेट होने से मवाना, सरधना, पल्लवपुरम और जागृति विहार जाने वाले यात्रियों को सबसे अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
एक अन्य दैनिक यात्री कपिल गोयल ने बताया कि ट्रेनें देरी से पहुंचने पर वह रात 11 से 12 बजे के बीच घर पहुंच पाते हैं और सुबह पांच बजे फिर से ऑफिस जाने की तैयारी करनी पड़ती है। इसी वजह से शाम के समय मेरठ लौटने के लिए वे नमो भारत ट्रेन का सहारा ले रहे हैं। हालांकि, शाम पांच से सात बजे के बीच नमो भारत में भारी भीड़ रहती है।
कंकरखेड़ा निवासी तरुण मेहता ने बताया कि वह पिछले तीन दिनों से लगातार नमो भारत से यात्रा कर रहे हैं, लेकिन उन्हें एक भी दिन सीट नहीं मिल सकी। वहीं, आशु यादव ने बताया कि वर्तमान में नमो भारत ट्रेन में केवल छह कोच लगाए जा रहे हैं, जिनमें से आम यात्रियों के लिए सिर्फ चार कोच उपलब्ध हैं। आनंद विहार स्टेशन पर ट्रेन मिनटों में फुल हो जाती है।
वर्तमान में नमो भारत ट्रेन हर 15 मिनट में मेरठ के लिए रवाना होती है। यात्रियों की मांग है कि पीक आवर में ट्रेनों का संचालन हर पांच मिनट में किया जाए और कोचों की संख्या भी बढ़ाई जाए।
