
मेरठ। उत्तर दिशा से चली ठंडी हवाओं के कारण मंगलवार को जिले के मौसम में बदलाव देखने को मिला। कोहरे की तीव्रता में कमी आई, वहीं वायु प्रदूषण की स्थिति में भी आंशिक सुधार दर्ज किया गया। प्रदेश के प्रदूषित शहरों की सूची में मेरठ छठे स्थान पर रहा।
बीते कई दिनों से मेरठ प्रदेश के शीर्ष पांच सर्वाधिक प्रदूषित शहरों में शामिल था, लेकिन हवा की रफ्तार बढ़ने से हालात कुछ बेहतर हुए हैं। हालांकि वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) अब भी ‘खराब’ श्रेणी में बना हुआ है। दिसंबर माह में इस बार पहली बार न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। मंगलवार को एक्यूआई 281 रहा, जो 300 से नीचे दर्ज किया गया स्तर है।
सुबह के समय ठंडी हवाओं के चलते लोगों को ठिठुरन का सामना करना पड़ा, जबकि दोपहर में निकली तेज धूप ने राहत दी। मौसम विभाग के अनुसार, न्यूनतम तापमान 10.4 डिग्री और अधिकतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
सोमवार रात क्षेत्र में घने कोहरे के दो प्रभावी क्षेत्र बने थे। एक क्षेत्र पाकिस्तान के मुल्तान से राजस्थान के श्रीगंगानगर तक फैला हुआ था, जबकि दूसरा उत्तर प्रदेश में फर्रुखाबाद से पश्चिमी यूपी के आगरा क्षेत्र तक सीमित रहा। मेरठ में भी रात के समय कोहरा छाया रहा, लेकिन देर रात 11 बजे के बाद छह से आठ किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं ने कोहरे की परत को कमजोर कर दिया।
प्रदूषण के स्तर में भी गिरावट दर्ज की गई। पल्लवपुरम क्षेत्र में पीएम 2.5 की मात्रा रात 12 बजे 407 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर थी, जो रात दो बजे घटकर 340 पर पहुंच गई। मंगलवार रात नौ बजे पल्लवपुरम का एक्यूआई 308, जय भीमनगर का 289 और गंगानगर का 189 दर्ज किया गया। आंकड़े यह संकेत देते हैं कि पिछले दिनों की तुलना में प्रदूषण की स्थिति में सुधार आया है।
