मेरठ वरिष्ठ संवाददाता। परतापुर क्षेत्र के रहने वाले एक अधिवक्ता ने मामूली विवाद में पड़ोसी दबंगों पर अपने घर में घुसकर जानलेवा हमला करने का आरोप लगाया है। अधिवक्ता का आरोप है कि दबंगों ने घर की महिलाओं के साथ छेड़छाड़ करते हुए मानसिक रूप से कमजोर अधिवक्ता के भाई की भी पिटाई की। इसी बीच अधिवक्ता के हेड कांस्टेबल पिता ने बीच-बचाव का प्रयास किया तो आरोपियों ने उनका सिर फोड़ दिया। इसके बावजूद पुलिस ने आरोपियों के फर्जी मेडिकल के आधार पर उल्टा अधिवक्ता के परिवार जनों के खिलाफ ही जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज कर लिया। घटना की सीसीटीवी फुटेज कप्तान को सौंपते हुए पीड़ित ने निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। परतापुर की रामनगर कॉलोनी के रहने वाले एक अधिवक्ता वकीलों को साथ लेकर बुधवार को एसएसपी ऑफिस पहुंचे। अधिवक्ता ने आरोप लगाया कि बीती 21 अप्रैल को पड़ोस के रहने वाले एक युवक का अधिवक्ता के मानसिक रूप से कमजोर भाई से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। आरोप है कि इसके बाद दबंग युवक ने अपने आधा दर्जन साथियों के साथ लाठी-डंडों से लैस होकर अधिवक्ता के घर पर हमला बोल दिया। इस दौरान महिलाओं के साथ छेड़छाड़ करते हुए अधिवक्ता के मानसिक रोगी भाई की भी पिटाई की गई। पीड़ित अधिवक्ता का कहना है कि उनके पिता सीआरपीएफ में हेड कांस्टेबल हैं। जिनकी पोस्टिंग फिलहाल छत्तीसगढ़ में है। घटना से दो दिन पहले ही अधिवक्ता के पिता 10 दिन की छुट्टी लेकर घर पर आए थे। अधिवक्ता के पिता ने आरोपियों का विरोध किया तो आरोपियों ने डंडे से उनका सिर फोड़ डाला। आरोप है कि इसके बाद आरोपियों ने अपना फर्जी मेडिकल बनवाकर उल्टा अधिवक्ता के परिवार के खिलाफ ही जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज करा दिया है। पीड़ित ने घटना से संबंधित एक लाइव सीसी फुटेज भी कप्तान को दिखाई। जिसमें आरोपी पीड़ित के घर पर हमला करते नजर आ रहे हैं। कप्तान ने मामले में निष्पक्ष जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
