लखनऊ एजेंसी। महाकुंभ में हुई भगदड़ और जाम पर सीएम योगी ने एडीजी प्रयागराज और एडीजी ट्रैफिक की क्लास लगाई। सीएम ने दोनों अफसरों को सस्पेंड करने की चेतावनी तक दी। योगी ने प्रयागराज एडीजी भानु भास्कर से कहा- महाकुंभ मेले में आप ही सारी व्यवस्थाएं संभाल रहे थे। जैसे ही भगदड़ हुई आपने दूसरे अफसरों को आगे कर दिया। वहीं, एडीजी ट्रैफिक के. सत्यनारायण से सीएम ने कहा- जब वीकेंड पर दिल्ली एनसीआर में पिकनिक स्पॉटों पर भीड़ हो जाती है, तो आपको अंदेशा नहीं था कि महाकुंभ में शनिवार और रविवार को ज्यादा भीड़ होगी। आपके काम का रवैया तो निलंबित करने जैसा है। सीएम ने सोमवार देर रात महाकुंभ में ट्रैफिक मैनेजमेंट को लेकर सीनियर अफसरों की बैठक में सख्त तेवर दिखाए। महाकुंभ में 29 जनवरी को भगदड़ हुई थी। इसमें 30 लोगों की मौत हो गई थी। वहीं, पिछले 3 दिनों से महाकुंभ जाने वाले हर मार्ग पर भीषण जाम है। श्रद्धालुओं को खाने-पीने का सामान तक नहीं मिल रहा है। 10 घंटे की यात्रा पूरी करने में 30 घंटे लग रहे हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कुंभ मेले के दौरान भानु भास्कर फील्ड में नहीं उतरे। न ही मौनी अमावस्या को लेकर सतर्कता दिखाई। सीएम योगी को उनका फीडबैक मिला। सूत्रों के मुताबिक, 3 दिनों से प्रयागराज आने वाली हर सड़क पर जाम जैसी स्थिति है। ऐसे में उन्होंने कोई खास कदम नहीं उठाया। सीएम ने बैठक में महाकुंभ में व्यवस्था सुधारने के सख्त निर्देश दिए। कहा- बिना अनुमति के किसी भी वाहन का प्रवेश न हो। नियम सख्ती से लागू करें। प्रयागराज एजेंसी। महाकुंभ का आज 30वां दिन है। आज दोपहर 12 बजे तक 81.60 लाख श्रद्धालु संगम में डुबकी लगा चुके हैं। 13 जनवरी से अब तक 44.74 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं। 12 फरवरी को होने वाले माघ पूर्णिमा स्नान को लेकर प्रयागराज में नई ट्रैफिक व्यवस्था लागू की गई है। 11 फरवरी की शाम 5 बजे से 12 फरवरी तक मेले में कोई भी वाहन नहीं चलेगा। सिर्फ प्रशासनिक अधिकारियों की गाड़ी और स्वास्थ्य विभाग के वाहन चलेंगे। सीएम योगी आदित्यनाथ ने सोमवार की शाम एसटीएफ चीफ अमिताभ यश को विशेष विमान से प्रयागराज भेजा। 52 नए आईएएस पीसीएस और पीसीएस अफसरों को तैनात किया गया है। सभी को तत्काल प्रयागराज पहुंचकर ड्यूटी जॉइन करने को कहा गया है। सीएम ने कहा- माघ पूर्णिमा पर ट्रैफिक और क्राउड मैनेजमेंट के नियम सख्ती से लागू करें। सड़कों पर वाहनों की कतार नहीं लगनी चाहिए, न ही जाम की स्थिति होनी चाहिए। उन्होंने कहा- पार्किंग स्थल से मेला परिसर तक शटल बसों की संख्या बढ़ाई जाए। पार्किंग स्थलों का उचित प्रबंधन करें। प्रयागराज के किसी भी स्टेशन पर अत्यधिक भीड़ इकट्ठा न हो। मेला स्पेशल ट्रेनें और परिवहन निगम की अतिरिक्त बसें चलाई जाएं। हर श्रद्धालु को सुरक्षित उसके घर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी हमारी है। महाकुंभ में ट्रैफिक का कुप्रबंधन नहीं प्रयागराज महाकुंभ आने वाले रास्तों पर पिछले 4 दिन 30 से 35 किमी तक जाम की स्थिति रही। अब ट्रैफिक सामान्य होने का दावा किया जा रहा है। डीजीपी प्रशांत कुमार ने कहा, लगातार उमड़ रहे करोड़ों श्रद्धालुओं की वजह से ट्रैफिक में लोगों को देरी हो रही है। इसे प्रशासनिक असफलता नहीं माना जाना चाहिए। श्रद्धालुओं की असाधारण संख्या की वजह से ऐसा हो रहा है। अब तक 40 करोड़ से अधिक श्रद्धालु संगम में पुण्य स्नान कर चुके हैं। हर दिन लाखों लोग प्रयागराज पहुंच रहे हैं। इस स्थिति में वाहनों और लोगों के आवाजाही को प्रबंधित करना किसी भी प्रशासन या पुलिस बल के लिए अब तक की सबसे कठिन चुनौती के रूप में सामने है। इन स्थितियों के बावजूद यूपी पुलिस के हर सिपाही से लेकर बड़े अफसर दिन रात परिश्रम कर रहे हैं। वे श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन देने के साथ ही उनकी सुरक्षा का भी ध्यान रख रहे हैं। शहर को व्यवस्थित बनाए रखने में पुलिस अपनी पूरी ताकत झोंक रही है। दुनिया में कहीं ऐसी मिसाल नहीं है कि किसी पुलिस बल ने इतनी विशाल संख्या में लोगों और वाहनों के आवागमन को इतनी दक्षता से प्रबंधित किया जा रहा हो। यह सिर्फ एक आयोजन का संचालन नहीं, बल्कि इतिहास रचने जैसा कार्य है।
