मवाना संवाददाता। नगर के व्यापार मंडल एवं सामाजिक संगठनों ने अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद मवाना को एक ज्ञापन सौंपकर रविवार को लगने वाली साप्ताहिक पैठ को स्थायी रूप से समाप्त करने की मांग की है। संगठनों का कहना है कि यह पैठ नगर की व्यवस्था, स्वच्छता, कानून व्यवस्था और स्थानीय व्यापार पर नकारात्मक प्रभाव डाल रही है।
ज्ञापन में कुछ प्रमुख बिंदुओं के माध्यम से पैठ के दुष्प्रभावों को उजागर किया गया है। उनका कहना है कि पैठ में दुकानें अव्यवस्थित ढंग से लगाई जाती हैं जिससे यातायात बाधित होता है और जाम की स्थिति उत्पन्न होती है। इसके अलावा, वहां बिकने वाला सामान अक्सर घटिया गुणवत्ता का होता है जिससे आम जनता के स्वास्थ्य पर खतरा मंडराता है। व्यापारियों ने यह भी आरोप लगाया कि पैठ में जीएसटी की चोरी होती है जिससे सरकार को राजस्व का नुकसान होता है। वहीं पैठ के चलते बाजार के नियमित व्यापारियों को प्रतिमाह करोड़ों रुपये की हानि हो रही है। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि साप्ताहिक पैठ असामाजिक तत्वों के जमावड़े का कारण बन चुकी है, जिससे महिलाओं एवं बच्चों के साथ छेड़छाड़ और चोरी जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं। स्वच्छ भारत अभियान को भी इससे बड़ा झटका लगता है क्योंकि वहां साफ-सफाई की भारी कमी रहती है।
संगठनों ने मांग की कि पैठ का ठेका जो कि पूर्व में निरस्त किया गया है, उसे किसी भी स्थिति में पुनः जारी न किया जाए। नगर के जनहित में इस साप्ताहिक पैठ को पूर्णतः बंद किया जाए।
