नई दिल्ली एजेंसी। पहाड़ों पर मानसून की बारिश आफत लेकर आई है। हिमाचल प्रदेश के किन्नौर स्थित तंगलिंग में बुधवार को बादल फटने से बाढ़ जैसे हालात हो गए। घटना का एक भयावह वीडियो सामने आया है, जिसमें पहाड़ से चट्टान और मलबे का सैलाब नीचे सड़क पर गिरते दिखा। अचानक आई बाढ़ से कैलाश यात्रा रूट पर दो पुल बह गए। बाकी का रास्ता भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जिसके कारण यात्रा रोक दी गई है। कई श्रद्धालु फंसे हुए हैं। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस की टीम ने जिपलाइन की मदद से 413 तीर्थयात्रियों को बचाया है। किन्नौर के रिब्बा गांव के पास रालडांग खड्ड में भी बादल फटा। इससे नेशनल हाईवे-5 भी बंद हो गया है। हाईवे के लगभग 150 मीटर हिस्से पर कीचड़ और बड़े-बड़े पत्थर जमा हो गए हैं। हालांकि, हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। मंगलवार रात में चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर भी लैंडस्लाइड हुई। सड़कों पर बड़ी-बड़ी चट्टान गिरने से राज्य में 500 से ज्यादा सड़कें बंद हैं। शिमला, मंडी, सोलन और कुल्लू जिले में स्कूलों की छुट्टी कर दी गई है।इससे पहले उत्तराखंड के धराली गांव में मंगलवार को बादल फटने से भारी तबाही मच गई। इसमें 4 लोगों की मौत हो गई, जबकि 50 से ज्यादा लोग लापता हैं। कर्णप्रयाग में पहाड़ ढहने से बद्रीनाथ नेशनल हाईवे बंद हो गया। हरिद्वार-देहरादून रेल पर चट्टान गिरने से रेलों की आवाजाही बंद कर दी गई है। मौसम विभाग ने बुधवार को केरल में भी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं, कर्नाटक, तमिलनाडु और पुडुचेरी में ऑरेंज अलर्ट और उत्तराखंड-बिहार समेत 20 राज्यों में यलो अलर्ट जारी किया है। धराली त्रासदी 11 जवानों समेत 50 से ज्यादा लापता, 150 से ज्यादा बचाए गए, रेस्क्यू जारीदेहरादून एजेंसी। उत्तराखंड में उत्तरकाशी के धराली गांव में मंगलवार दोपहर करीब 1.45 बजे बादल फटने से 4 लोगों की मौत हो चुकी है। बुधवार सुबह रेस्क्यू-सर्च ऑपरेशन के दौरान एक डेडबॉडी बरामद की गई। उसकी पहचान की जा रही है। 50 से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं। कल से लेकर अभी तक 150 से ज्यादा लोगों को रेस्क्यू किया जा चुका है।
ैक्त्थ्, छक्त्थ्, प्ज्ठच् और आर्मी की टीमें बचाव कार्य में जुटी हैं। बुधवार सुबह पीएम मोदी ने उत्तराखंड सीएम पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बात की। इसके बाद धामी ने धराली और दूसरी जगहों का एरियल सर्वे किया। उन्होंने अधिकारियों के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन को लेकर मीटिंग भी की। गंगोत्री तीर्थयात्रियों के प्रमुख पड़ाव धराली गांव के बाजार-मकान, होटल बह गए खीर गंगा नदी में पहाड़ों से बहकर आए मलबे से बहे, सिर्फ 34 सेकेंड में ये बर्बादी हुई। हर्षिल में सेना के 11 जवान बादल फटने के बाद से लापता हैं।
