मवाना, संवाददाता। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डीआईईटी), मेरठ में चल रहे पांच दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम के दूसरे दिन विषय विशेषज्ञों द्वारा शिक्षकों को नवीनतम शैक्षिक नीतियों, शिक्षण विधियों और नैतिक मूल्यों पर विस्तृत जानकारी दी गई। सत्र की शुरुआत अमित सिंह द्वारा की गई, जिन्होंने श्एक राष्ट्र, एक पाठ्यक्रमश् की अवधारणा के अंतर्गत एनसीईआरटी द्वारा निर्मित नवीन पाठ्यपुस्तकों से प्रतिभागियों को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि ये पुस्तकें विद्यार्थियों की अभिरुचि, जिज्ञासा और समकालीन आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार की गई हैं, जो शिक्षण प्रक्रिया को अधिक संवादात्मक और प्रभावी बनाती हैं। गौरव त्यागी ने नैतिक शिक्षा की आवश्यकता और इसे छात्रों में विकसित करने की विधियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मूल्यपरक शिक्षा को प्रभावशाली बनाने हेतु नैतिक मूल्यों का समावेश अनिवार्य है। प्रतिमा यादव ने स्वास्थ्य, खेल, संतुलित आहार, योग और ध्यान की महत्ता पर प्रशिक्षण दिया। पूजा शर्मा ने शिक्षण योजना की संरचना, उसके चरणों और मुख्य तत्वों को विस्तार से समझाया तथा शिक्षकों को समूहों में बाँटकर व्यावहारिक अभ्यास भी कराया। प्रदीप कुमार ने कला और संगीत के माध्यम से प्रभावशाली शिक्षण के गुर बताए, जबकि चौ. चरण सिंह विश्वविद्यालय से आए असिस्टेंट प्रोफेसर नरेंद्र कुमार ने संस्कृत शिक्षण की प्रारंभिक विधियों पर रोचक एवं उपयोगी जानकारी दी। नरेश कुमार ने प्रशिक्षण की बारीकियों एवं शिक्षा में नवीन प्रयोगों की महत्ता पर विचार साझा करते हुए कहा कि यह प्रशिक्षण न केवल शिक्षकों के लिए लाभकारी है, बल्कि छात्रों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ने में सहायक होगा। प्रशिक्षण के द्वितीय दिवस में सभी प्रतिभागियों का सक्रिय सहयोग रहा और सत्र को अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणास्पद बताया गया।
