
मेरठ। नए साल का जश्न मनाने के लिए सुरक्षा में तैनात गार्ड ही अपराधी बन बैठे। दौराला थाना क्षेत्र के सिवाया स्थित आरआरटीएस परियोजना के निर्माणाधीन रैपिड डिपो से लाखों रुपये का लोहा चोरी करने के मामले में पुलिस ने कबाड़ी समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने चोरी के माल को बेचकर न्यू ईयर पार्टी मनाने की योजना बनाई थी।
सोमवार सुबह डिपो से करीब तीन लाख रुपये मूल्य का लोहा चोरी होने की सूचना पर पुलिस सक्रिय हुई। एलएंडटी आरआरटीएस परियोजना से जुड़े ठेकेदार नंदलाल की ओर से अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। शुरुआती जांच में सुरक्षा गार्डों ने बाहरी बदमाशों द्वारा धमकी देकर चोरी किए जाने का दावा किया, लेकिन पुलिस को यह कहानी संदिग्ध लगी।
एसएसपी डॉ. विपिन ताड़ा ने रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि मुखबिर की सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने 24 घंटे के भीतर पूरे मामले का खुलासा कर दिया। जांच में सामने आया कि डिपो की सुरक्षा में तैनात गार्डों ने ही आपस में साजिश रचकर चोरी को अंजाम दिया।
दिन की ड्यूटी समाप्त करने के बाद कुछ गार्ड रात में तैनात साथियों की मिलीभगत से डिपो में दाखिल हुए। वहां से लोहा एक कंटेनर में भरकर कंकरखेड़ा क्षेत्र के पावली खास निवासी कबाड़ी सुहेल के घर पहुंचाया गया। चोरी के बाद सभी आरोपी नए साल की पार्टी की तैयारी में जुट गए थे।
पुलिस ने घेराबंदी कर कबाड़ी सुहेल के साथ सुरक्षा गार्ड रिंकू, रमेश, धर्मेंद्र और मोनू को गिरफ्तार कर लिया है। इनके कब्जे से चोरी किया गया सारा लोहा बरामद कर लिया गया है। वहीं, दो अन्य सुरक्षा गार्ड सोनू उर्फ सिद्धार्थ और राशिद फिलहाल फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा और पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
