मेरठ वरिष्ठ संवाददाता। जिले के प्रभारी मंत्री धर्मपाल सिंह द्वारा कुछ दिनों पहले परतापुर क्षेत्र स्थित कान्हा उपवन गौशाला में गोवंशों की दुर्दशा और लाखों के चारा घोटाले के मामले में आरोपी नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर हरपाल सिंह को देर रात सिविल लाइन पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। डॉक्टर हरपाल सिंह की गिरफ्तारी के बाद नगर निगम में हड़कंप मचा हुआ है। इस पूरे प्रकरण में अभी कई अन्य लोगों की गिरफ्तारी की भी संभावना है। उधर, सिविल लाइन थाने में पुलिस हिरासत में मौजूद नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों का खंडन किया है। बताते चलें कि परतापुर स्थित कान्हा उपवन गौशाला की जिम्मेदारी नगर निगम पर है। जिसके प्रभारी नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर हरपाल सिंह हैं। कुछ दिनों पहले जिले के प्रभारी मंत्री धर्मपाल सिंह कान्हा उपवन गौशाला के निरीक्षण के लिए पहुंचे थे। इस दौरान गौशाला स्थित सात में से दो शेड में बंधी गायों के लिए चारा नहीं मिला था। वहीं, गौशाला में भूख से कई गोवंश के मरने और गौशाला की दुर्दशा की बात भी सामने आई थी। नगर निगम के अधिकारियों ने बताया था कि इस गौशाला की देख-रेख के लिए प्रतिमाह 28 से 30 लाख रुपए खर्च किए जा रहे हैं। मगर, मौके पर निरीक्षण के दौरान पाया गया कि दी गई रकम में से आधी रकम भी गौशाला पर खर्च नहीं हो रही। इस चारा घोटाले के लिए प्रथम दृष्टया गौशाला के प्रभारी डॉक्टर हरपाल सिंह को जिम्मेदार पाया गया। इसके बाद नगर आयुक्त सौरभ गंगवार के निर्देश पर डॉक्टर हरपाल सिंह को नगर स्वास्थ्य अधिकारी और गौशाला प्रभारी के पद से मुक्त कर दिया गया। वहीं, चारा घोटाले में देर रात गौशाला प्रभारी व सफाई निरीक्षक कुलदीप सिंह की तहरीर पर नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर हरपाल सिंह और गौशाला के केयर टेकर रहे भारत के खिलाफ सिविल लाइन थाने में गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। गया था। इसके बाद देर रात ही इस मामले में सिविल लाइन पुलिस ने कार्रवाई करते हुए डॉक्टर हरपाल सिंह को उनके सरकारी आवास से हिरासत में ले लिया। नगर स्वास्थ्य अधिकारी की गिरफ्तारी की सूचना मिलने के बाद मंगलवार की सुबह नगर निगम में हड़कंप मच गया। नगर निगम के कई कर्मचारियों में इस मुद्दे को लेकर खलबली मची हुई है। अनुमान लगाया जा रहा है कि इस घोटाले के तार कई अन्य अधिकारियों से भी जुड़े हैं। जिन पर जल्द ही गाज गिर सकती है।
