
नई दिल्ली। उत्तर भारत में घने कोहरे ने रविवार को जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया। उत्तर प्रदेश, पंजाब और राजस्थान में कोहरे के कारण हुए सड़क हादसों में कई लोगों की जान चली गई, जबकि दर्जनों लोग घायल हो गए। कोहरे का असर रेल और हवाई यातायात पर भी साफ दिखाई दिया, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
उत्तर प्रदेश में कोहरे के चलते हुए हादसों में छह लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में 30 से अधिक वाहन आपस में टकरा गए, जिनमें कई लोग घायल हो गए। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर हमीरपुर जिले के इचौली क्षेत्र के पास रविवार सुबह करीब नौ बजे एक स्लीपर बस ने आगे चल रही बोलेरो को टक्कर मार दी। इस भीषण हादसे में बोलेरो सवार दो सगे भाइयों सहित चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। बताया गया कि दोनों भाई अपनी मां की अस्थियां विसर्जित करने के लिए महोबा से प्रयागराज जा रहे थे।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर भी कोहरे ने बड़ा हादसा करा दिया। बेहटा मुजावर क्षेत्र में शादीपुर गांव के पास गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माणाधीन इंटरचेंज के समीप एक के बाद एक दस वाहन आपस में टकरा गए। इस दुर्घटना में एक बस चालक और एक बाइक सवार की मौत हो गई। हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर करीब पांच किलोमीटर लंबा जाम लग गया। पुलिस और प्रशासन की कड़ी मशक्कत के बाद करीब तीन घंटे बाद यातायात सुचारू हो सका। इसके अलावा आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर अन्य स्थानों पर भी 11 वाहनों के आपस में टकराने की सूचना मिली है।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे पर भी कोहरे का असर देखने को मिला। यहां अलग-अलग स्थानों पर करीब दस वाहन आपस में भिड़ गए। हालांकि इन हादसों में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन यातायात कुछ समय के लिए प्रभावित रहा।
पंजाब में मोगा जिले के संगतपुरा गांव के पास रविवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ। घने कोहरे के कारण एक कार अनियंत्रित होकर पुल से नीचे गिर गई, जिसमें शिक्षक दंपती जसकरण सिंह और उनकी पत्नी कमलजीत कौर की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है।
राजस्थान में भी कोहरे का असर साफ नजर आया। भरतपुर जिले के दिदवाली गांव में घने कोहरे के चलते दो वाहनों की आमने-सामने की टक्कर हो गई, जिसमें तीन लोग घायल हो गए। चित्तौड़गढ़ जिले में कोहरे के कारण एक ट्रेलर और पिकअप वाहन की टक्कर में पिकअप चालक घायल हो गया। दौसा जिले में भी सुबह के समय दृश्यता बेहद कम रही, जिससे वाहन चालकों को परेशानी उठानी पड़ी।
हवाई यातायात पर भी कोहरे का व्यापक असर पड़ा। देश के सबसे बड़े आईजीआई एयरपोर्ट पर रविवार को विमान परिचालन गंभीर रूप से प्रभावित रहा। कोहरे के कारण प्रस्थान करने वाली करीब 85 प्रतिशत उड़ानें विलंबित रहीं, जबकि आगमन की लगभग एक तिहाई उड़ानों में भी देरी हुई। प्रस्थान की उड़ानों में औसतन करीब आधे घंटे की देरी दर्ज की गई, जबकि आगमन की उड़ानों में औसतन पांच मिनट का विलंब रहा।
मौसम विभाग ने पहले ही रविवार सुबह ‘मॉडरेट टू डेंस’ कोहरे की चेतावनी जारी की थी। इसके मद्देनजर एयरपोर्ट पर लो विजिबिलिटी प्रोसीजर्स के तहत विमानों का संचालन किया गया। न्यूनतम दृश्यता 350 से 400 मीटर तक दर्ज की गई, जो बाद में धीरे-धीरे सुधरी। कोहरे का सबसे ज्यादा असर सुबह पांच बजे से 10 बजे के बीच रहा, जब लो विजिबिलिटी प्रोसीजर्स पूरी तरह लागू रहे।
एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार, नॉन कैट-थ्री श्रेणी की उड़ानों को विशेष सतर्कता के साथ संचालित किया गया, जबकि कैट-थ्री सुविधा से लैस इंडिगो और एयर इंडिया जैसी प्रमुख एयरलाइंस की उड़ानें बिना किसी बड़ी बाधा के लैंड और टेकऑफ करती रहीं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी उड़ान को रद्द या डायवर्ट नहीं किया गया और स्थिति नियंत्रण में रही।
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी सुबह के समय घने कोहरे की संभावना जताई है और वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
