
मेरठ से प्रयागराज तक प्रस्तावित गंगा एक्सप्रेस-वे को लेकर लोगों का इंतजार अब खत्म होने वाला है। एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य लगभग पूरा कर लिया गया है और इसके साथ ही टोल प्लाजा व टोल बूथ भी तैयार हो चुके हैं। अधिकारियों के अनुसार, अब एक्सप्रेस-वे के संचालन से पहले आवश्यक तकनीकी परीक्षण की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।
मेरठ से बदायूं तक करीब 130 किलोमीटर लंबे प्रथम पैकेज में सिंभावली स्थित रेलवे ओवरब्रिज की एप्रोच रोड का कार्य अंतिम चरण में है। यह एकमात्र हिस्सा था, जहां निर्माण अधूरा था। परियोजना से जुड़े अधिकारियों का दावा है कि अब यहां काली सड़क बिछाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है और दिसंबर के अंत तक इसे पूरा कर लिया जाएगा।
एक्सप्रेस-वे पर बिजौली गांव से प्रवेश करने के बाद खड़खड़ी गांव की सीमा में टोल प्लाजा स्थापित किया गया है। छह लेन वाले इस एक्सप्रेस-वे पर टोल वसूली के लिए कुल आठ टोल बूथ बनाए गए हैं। हाल ही में इन बूथों पर सभी आवश्यक उपकरण और मशीनें स्थापित कर दी गई हैं।
टोल प्लाजा पर वाहनों की नंबर प्लेट पढ़ने के लिए अत्याधुनिक कैमरे, सिग्नल के लिए लाल-हरी लाइटें और डिजिटल स्क्रीन लगाई गई हैं। इसके अलावा कंट्रोल रूम पहले से सक्रिय है और सुरक्षा व्यवस्था के तहत सीसीटीवी कैमरे तथा इंटरनेट कनेक्टिविटी भी पूरी तरह चालू कर दी गई है। अधिकारियों के मुताबिक, अगले एक-दो दिनों में टोल बूथों का ट्रायल किया जाएगा।
यूपीडा की परियोजना क्रियान्वयन इकाई के अधिशासी अभियंता राकेश मोघा ने बताया कि गंगा एक्सप्रेस-वे का पहला चरण लगभग पूरी तरह तैयार है। शेष कार्यों को जल्द पूरा कर टोल बूथों का संचालन शुरू किया जाएगा, जिसके बाद एक्सप्रेस-वे को आम जनता के लिए खोलने की दिशा में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
