
मेरठ। जिले में लगातार बढ़ती ठंड और घने कोहरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियातन नर्सरी से आठवीं कक्षा तक के सभी विद्यालयों में 22 और 23 दिसंबर को अवकाश घोषित किया है। यह आदेश बेसिक शिक्षा परिषद, राजकीय व माध्यमिक विद्यालयों के साथ-साथ सीबीएसई, आईसीएसई, मदरसा बोर्ड और संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों पर समान रूप से लागू होगा।
बेसिक शिक्षा अधिकारी आशा चौधरी ने स्पष्ट किया कि इन दो दिनों में विद्यार्थियों के लिए अवकाश रहेगा, जबकि शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी विद्यालयों में उपस्थित रहकर विभागीय कार्यों का निस्तारण करेंगे। 24 दिसंबर से विद्यालय पूर्व की भांति संचालित होंगे। वहीं कक्षा नौ से बारहवीं तक की पढ़ाई पहले से तय समयानुसार सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक जारी रहेगी। आदेशों का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
इधर, मौसम का मिजाज लगातार बिगड़ा हुआ है। रविवार को पूरे दिन धूप नहीं निकल सकी। न्यूनतम तापमान 7.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि अधिकतम तापमान 20 डिग्री से नीचे बना हुआ है। कोहरे के कारण रेल यातायात भी प्रभावित हुआ और कई ट्रेनें देरी से चलीं। नौचंदी एक्सप्रेस प्रयागराज से करीब डेढ़ घंटे और मेरठ सिटी स्टेशन लगभग सवा घंटे की देरी से पहुंची।
ठंड का असर स्वास्थ्य पर भी साफ दिखाई दे रहा है। सर्दी बढ़ने के साथ गठिया (आर्थराइटिस) के मरीजों की तकलीफें बढ़ गई हैं। लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में रोजाना आने वाले मरीजों में इन दिनों करीब 30 प्रतिशत गठिया से पीड़ित हैं। हड्डी रोग विशेषज्ञों के अनुसार ठंड में चलने-फिरने की कमी, तापमान गिरने से शरीर में सूजन, रक्त संचार में कमी और जोड़ों के तरल पदार्थ के गाढ़ा होने से दर्द बढ़ जाता है। साथ ही धूप कम मिलने से विटामिन-डी की कमी भी जोड़ों की समस्याओं को गंभीर बना रही है।
डॉक्टरों ने गठिया रोगियों को ठंड के मौसम में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। घर के भीतर हल्का व्यायाम, स्ट्रेचिंग और योग-प्राणायाम लाभकारी हैं। दर्द होने पर गर्म पानी से सिकाई, गुनगुने पानी से स्नान, तेल की मालिश और संतुलित आहार अपनाने से राहत मिल सकती है। अखरोट, अलसी, मैथी, अदरक, हल्दी और लहसुन जैसे खाद्य पदार्थ सूजन कम करने में सहायक माने जाते हैं। आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सकीय सलाह से विटामिन सप्लीमेंट भी लिए जा सकते हैं।
