मेरठ हीरा टाइम्स ब्यूरो। इस्माइल नेशनल महिला पीजी कॉलेज मेरठ में प्राचार्य प्रोफेसर अनीता राठी के कुशल नेतृत्व में ऑनलाइन एजुकेशन एंड एलएमएस सेल द्वारा एनसीआरटीसी एवं जेएफपीआर के संयुक्त तत्वाधान में डिजिटल इंक्लूजन ब्रिजिंग द जेंडर डिवाइड’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया । कार्यशाला के प्रथम सत्र में वक्ता नरेंद्र एनसीआरटीसी ने पीपीटी प्रेजेंटेशन के माध्यम से बताया कि डिजिटल समावेशन, या डिजिटल विभाजन को पाटना, एक महत्वपूर्ण मुद्दा है, खासकर महिलाओं और लड़कियों के लिए। डिजिटल समावेशन का मतलब है कि सभी लोग, चाहे उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति, लिंग, या भौगोलिक स्थिति कुछ भी हो, प्रौद्योगिकी और इंटरनेट तक समान रूप से पहुंच सकें और उसका उपयोग कर सकें। डिजिटल विभाजन, महिलाओं और पुरुषों के बीच डिजिटल प्रौद्योगिकियों तक पहुंच, उपयोग और कौशल में अंतर को संदर्भित करता है। इस अंतर को पाटना, महिलाओं को सशक्त बनाने, आर्थिक विकास को बढ़ावा देने और अधिक समावेशी समाज बनाने के लिए आवश्यक है। कार्यक्रम के दूसरे सत्र इंटरएक्टिव सेशन में प्रोफेसर दीपा त्यागी विभाग प्रभारी, हिंदी विभाग एवं डॉक्टर स्वर्ण, कंप्यूटर लैब प्रभारी ने डिजिटल विभाजन के कारण तथा डिजिटल समावेश के लाभ व उपाय पर प्रकाश डालते हुए छात्रों के साथ प्रश्न उत्तर का आदान-प्रदान किया । प्राचार्य प्रोफेसर अनिता राठी ने बताया कि डिजिटल विभाजन को पाटना एक बहुआयामी चुनौती है, लेकिन यह एक ऐसा लक्ष्य है जिसके लिए प्रयास करना महत्वपूर्ण है। डिजिटल समावेशन के माध्यम से, हम महिलाओं और लड़कियों को सशक्त बना सकते हैं, आर्थिक विकास को बढ़ावा दे सकते हैं और अधिक न्यायसंगत और समावेशी समाज का निर्माण कर सकते हैं। अंत में लाइफ स्किल कार्यशाला के सर्टिफिकेट का वितरण प्राचार्य प्रोफेसर अनिता राठी, प्रोफेसर दीपा त्यागी, डॉक्टर ममता द्वारा किया गया । कार्यक्रम का संयोजन व संचालन डॉक्टर स्वर्ण, प्रभारी द्वारा किया गया । कार्यक्रम में महिमा ठाकुर, ईरम, निशा गुप्ता एवं डॉ. मनी भारद्वाज का विशेष सहयोग रहा । कार्यक्रम में लगभग 80 छात्राओं ने प्रतिभाग किया ।
