मेरठ हीरा टाइम्स ब्यूरो। आईआईएमटी विश्वविद्यालय के कॉलेज ऑफ लॉ द्वारा दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन (29 से 30 मई) का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। राष्ट्रीय सम्मेलन का विषय एल. जीबीटीक्यू समुदाय पर केंद्रित था । सम्मेलन का शुभारंभ मुख्य अतिथियों डॉ. सिमरन शेख निदेशक ट्रांस जेंडर हेल्थ, रूद्राणी छेत्री प्रबंध निदेशक मित्र ट्रस्ट, अक्षय राज प्रबंध निदेशक इन्क्लूसिफ कॉस्मेटिक्स, रोहित सैनी एवं प्रोफेसर डॉक्टर मनु सिंह संकायाध्यक्ष कॉलेज ऑफ लॉ के करकमलों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। कॉलेज ऑफ लॉ की छात्राओं ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत किए जाने के बाद सभी अतिथियों को पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिन्ह देकर अभिननंदन किया गया । लेज ऑफ लॉ की संकायाध्यक्ष ने स्वागत भाषण में एलजीबीटीक्यू समुदाय के प्रति समाज में फैली असमानता को रेखांकित किया तथा बताया कि समस्त कानूनों एवं अधिकारों के होते हुए भी इस समुदाय के प्रति समानता की कल्पना चिंता का विषय है । प्रथम दिन दो तकनीकी सत्र आयोजित किए गए, जिसमें मध्यान्ह से पूर्व तथा मध्यान्ह के बाद विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। द्वितीय दिन मुख्य अतिथि सौरभ कृपाल वरिष्ठ अधिवक्ता सर्वोच्च न्यायालय, अभिषेक डे कार्यकर्ता एक्शन फॉर वेल बीइंग और सूरज तोमर एसआरएम विश्विद्यालय के द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। प्रोफेसर डॉ. राजिंदर दूधरा बर्मिंघम सिटी यूनिवर्सिटी ने मीडिया समाज की धारणा को किस तरह से प्रस्तुत करता है, एलजीबीटीक्यू समुदाय की पहचान के संघर्ष में लोकप्रिय संस्कृति और मीडिया की भूमिका पर अपने विचार प्रस्तुत किये। सुप्रियो चक्रवर्ती याचिकाकर्ता वैवाहिक समानता ने वैवाहिक समानता एवं वैधानिक चुनौतियों पर प्रकाश डाला। प्रोफेसर डॉ. संगीता लाहा एनयूएस आर. एल., रांची ने कहा कीे शिक्षा के माध्यम से सामाजिक स्वीकृति को विकसित किया जा सकता है। प्रोफेसर डॉ. अनुराग दीप भारतीय विधि संस्थान नई दिल्ली ने कहा एल.जी.बी.टी. क्यू लोगों को हिंसा, भेदभाव, और उत्पीड़न से सुरक्षित किया जाना चाहिए। तत्पश्चात वार्ता के विषय पर एलजीबीटी क्यू समुदाय के सदस्यों द्वारा अपने विचार एवं अनुभव साझा किए और विद्वजनों, छात्र-छात्राओं ने अपने-अपने विचारों पर चर्चा की और शोध पत्र प्रस्तुत किए। इस राष्ट्रीय सम्मेलन में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े 400 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया तथा 158 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। सम्मेलन का मार्गदर्शन कुलाधिपति योगेश मोहनजी गुप्ता, प्रति कुलाधिपति डॉ. मयंक अग्रवाल, कुलपति प्रोफेसर डॉ. दीपा शर्मा ने किया। आयोजन समिति का नेतृत्व डॉ. एहतेशाम अंसारी (संयोजक) और सह संयोजक डॉ. विदुषी गोयल, अभिषेक कुमार सिंह, वेदांत चौधरी और स्वस्तिका पांडे ने किया। कार्यक्रम के समापन भाषण में प्रोफेसर डॉक्टर मनु सिंह संकायाध्यक्ष कॉलेज ऑफ लॉ ने सभी अतिथियों को आभार देते हुए सेमिनार कक्ष में मौजूद समस्त विधिवेत्ताओं, प्रवक्ताओं, शोधार्थियों, छात्र छात्राओं के निरंत जुड़ने, विचार प्रस्तुत करने एवं शोधपत्र प्रस्तुत कर कार्यक्रम को सफल बनाने पर हर्ष व्यक्त किया।
