नई दिल्ली/लखनऊ एजेंसी। दिल्ली-एनसीआर में आज तेज बारिश का रेड अलर्ट है। बुधवार को खराब मौसम के कारण 6 फ्लाइट को डायवर्ट किया गया था। 4 फ्लाइट जयपुर भेजी गईं और 2 फ्लाइट लखनऊ डायवर्ट की गईं। कुछ के रूट में बदलाव किया। कुछ उड़ानों में देरी भी हुई। तेज बारिश के कारण दिल्ली की कई सड़कों पर पानी भर गया और घंटों तक ट्रैफिक जाम रहा। गुरुग्राम की सड़कों पर बाढ़ जैसे हालात बन गए। गाड़ियां पानी में तैरती दिखीं। सड़कों पर चल रहे लोगों की कमर के ऊपर तक पानी पहुंच गया। गुरुग्राम में बुधवार शाम 90 मिनट में 103 एमएम बारिश हुई। बीते 12 घंटे में 133 एमएम बारिश दर्ज की गई है। गुरुग्राम जिला प्रशासन ने एडवाइजरी जारी कर सभी कॉर्पोरेट ऑफिस और प्राइवेट इंस्टीट्यूट से अपने कर्मचारियों को वर्क फॉर्म होम देने की सलाह दी है। इधर एमपी के जबलपुर, रीवा, शहडोल, सागर समेत कई जिलों में बाढ़ के हालात हैं। बुधवार को नरसिंहपुर में नदी में बहने से 3 बच्चों की मौत हो गई। वहीं हरियाणा के कैथल में तालाब में नहाने गए 3 बच्चों की डूबने से जान चली गई। महाराष्ट्र के नागपुर में तेज बारिश के कारण 71 गांव का जिला मुख्यालय से संपर्क टूटा है। बोरगांव में 35 साल का युवक उफनते नाले में बह गया। उप्पलवाड़ी में भी 18 साल के लड़के की मौत हुई। नागपुर जिले के सभी स्कूल 9 जुलाई तक बंद हैं। गुरुग्राम के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात: गुरुग्राम सेक्टर 6 में शीतला माता मंदिर के पास गाड़ियां पानी में तैरती नजर आईं। लोग तक पानी में डूब गए। दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे के नरसिंहपुर के नजदीक सर्विस लेन पर 2 फुट तक पानी जमा हो गया। दिल्ली और गुरुग्राम में आज भी बारिश का अलर्ट है। शहर और देहात के कई इलाकों में हुआ जलभरावः गुरूवार को मूसलाधार बारिश ने जिले को जलमग्न कर दिया। सुबह और शाम की बारिश से मुख्य मार्ग, बाजार और कॉलोनियां तालाब में तब्दील हो गईं। जलभराव से सड़कें गायब हो गईं, आवागमन ठप हुआ, बिजली और पेयजल आपूर्ति बाधित रही। गंगानगर, शास्त्रीनगर, सदर बाजार और खैरनगर में तीन-चार घंटे तक बिजली गुल रही। सड़कों पर गड्ढों में पानी भरने से ई-रिक्शा पलट गए और दोपहिया वाहन बंद हो गए, जिससे कई लोग घायल हुए। 24 घंटों में 36.8 मिमी बारिश दर्ज: चौधरी चरण सिंह मौसम वेधशाला के अनुसार, बीते 24 घंटों में 36.8 मिमी बारिश दर्ज की गई। शहर में दिनभर रुक-रुककर बारिश होती रही, जिससे उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत है। आसमान में बादल छाए रहे और मौसम सुहावना बना रहा। हालांकि, कई इलाकों में जलभराव की समस्या से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्तिनापुर मेरठ मे गंगा नदी का जलस्तर हस्तिनापुर में 66,000 क्यूसेक तक पहुंच गया है। जिससे खादर क्षेत्र समेत तटीय गांवों में बाढ़ का खतरा गहराने लगा है। पिछले 24 घंटों में अगर जलस्तर में बढ़ोतरी हुई तो बाढ़ का खतरा हो सकता है। और मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार आने वाले दिनों में यह स्थिति और गंभीर हो सकती है।
