मेरठ वरिष्ठ संवाददता। छांगुर बाबा गैंग द्वारा मंतातरण के शिकार बनी आशा नेगी का परिवार बृहस्पतिवार को एसएसपी ऑफिस पहुंचा। जहां पीड़ितों ने आरोपी बदर अख्तर सिद्दीकी के खिलाफ कार्यवाही और अपनी बेटी की बरामदगी मांग की। एसएसपी ने सिविल लाइन थाना पुलिस को इस मामले में कार्यवाही के आदेश दिए हैं। बताते चलें कि बलरामपुर में छांगुर बाबा गैंग द्वारा बड़े स्तर पर हिंदू युवतियों के मंतारण का मामला सामने आया था। इस मामले में पुलिस ने छांगुर बाबा को गिरफ्तार करते हुए जांच शुरू की तो मेरठ के किदवई नगर इस्लामाबाद के रहने वाले बदर अख्तर सिद्दीकी का नाम भी सामने आया। जांच के दौरान पता चला कि वर्ष 2019 में बदर अख्तर ने सरूरपुर क्षेत्र की रहने वाली प्रिया का अपहरण किया था। लेकिन, आज तक प्रिया का कोई सुराग नहीं मिला। कुछ दिनों पहले पांडव नगर निवासी परिवार ने भी बदर अख्तर सिद्दीकी पर अपनी बेटी आशा नेगी के अपहरण का आरोप लगाया था। आशा के परिवार का कहना था कि वर्ष 2018 में नोएडा में नौकरी कर रही आशा लापता हुई। वर्ष 2019 में आशा ने परिवार के लोगों को फोन पर मैसेज करके बताया कि बदर अख्तर सिद्दीकी ने जबरन उसका मंतारण कराने के बाद आशा से शादी की। इसके बाद अब बदर दूसरी लड़की से प्यार करने लगा है और आशा की हत्या की धमकी दे रहा है। वर्ष 2019 में आशा लापता हो गई। इसके बाद आशा का परिवार रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए सिविल लाइन थाने पहुंचा था। आरोप है कि उस समय थाने में इंस्पेक्टर अब्दुल रहमान सिद्दीकी ने पीड़िता के परिवार की रिपोर्ट दर्ज नहीं की। अब यह पूरा प्रकरण सामने आया तो अधिकारियों ने जांच के बाद आनन-फानन में वर्तमान समय में गाजियाबाद में तैनात इंस्पेक्टर अब्दुल रहमान सिद्दीकी को निलंबित कर दिया। बृहस्पतिवार को पांडव नगर निवासी अनिल नेगी अपने परिवार के साथ एसएसपी ऑफिस पहुंचा। अनिल ने आरोप लगाया कि बदर अख्तर सिद्दीकी ने उनकी बहन का अपहरण किया। इसके बाद से वह लापता है। अनिल ने अपनी बहन आशा की हत्या की आशंका जताते हुए मामले के खुलासे की मांग की। जिस पर एसएसपी ने सिविल लाइन पुलिस को कार्यवाही के आदेश दिए हैं।
