वर्ल्ड डैस्क। इजराइल ने शुक्रवार देर रात भारतीय समयानुसार करीब 10ः30 बजे ईरान पर एयरस्ट्राइक की। इजराइली फाइटर जेट्स ने ईरान के परमाणु ठिकानों को दोबारा निशाना बनाया। इन हमलों में ईरान के 78 लोग मारे गए और 350 से ज्यादा घायल हुए। जवाब में ईरान ने 150 बैलिस्टिक मिसाइलें इजराइल की ओर दागीं। इनमें से 6 मिसाइलें राजधानी तेल अवीव में गिरीं, जिसमें 2 लोगों की मौत हो गई। वहीं, 90 से ज्यादा लोग घायल हो गए। ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स में इजराइली रक्षा मंत्रालय को भी निशाना बनाने का दावा किया गया। यह हमले भारतीय समयानुसार शनिवार सुबह करीब 7ः15 बजे तक जारी रहे। ईरान की ओर से हमले की आशंका के चलते इजराइली च्ड बेंजामिन नेतन्याहू को सुरक्षित ठिकाने पर शिफ्ट कर दिया गया था। इजराइली राजदूत ने कहा कि देश श्जंग की स्थिति में है। वहीं खबर है कि ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम ने इजरायल के एफ 35 विमान को मार गिराया है। खबर तो ये भी है कि ईरान इजरायल पर एक साथ 1800 मिसाइलों से हमला कर सकता है। जिससे इजरायल में भारी तबाही मचने की संभावना है। इतनी बड़ी संख्या में मिसाइलों को मार गिराना इजरायली एयर डिफेंस सिस्टम के लिए भी बड़ी चुनौती होगी। ईरान ने इजरायल की राजधानी तेल अवीव और सलोम शहर में करारा हमला किया है। इजरायल पर हमले के बाद ईरान की राजधानी तेहरान में लोग सड़कों पर जश्न मनाने के लिए उतर आए। ईरानी युवा राष्ट्रीय झंडा हाथों में लेकर बाइकों पर घूमते नजर आए। महिलाओं और पुरुषों ने ईरान के सपोर्ट में नारेबाजी की। वहीं खबर तो ये भी है कि ईरानी एयर डिफेंस सिस्टम ने इजरायली ड्रोनों को हवा में ही मार गिराया है। ईरान के मिसाइल हमले के बाद पूरे इजरायल में सायरन बजने लगे। पूरे येरुशलम में विस्फोटों की गर्गराहट सुनी जा सकती है। ईरानी हमले के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया। इजरायल के टीवी स्टेशनों ने भी मिसाइल हमले के बाद तेल अवीव में धुएं के गुबार उठते दिखे। आधी रात को ईरानी सेना यानी आईआरजीसी की तरफ से बयान जारी किया गया। इसमें कहा गया कि ईरानी मिसाइल और ड्रोन इकाइयों ने उन इजरायली सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया जिनका इस्तेमाल ईरान पर हमले शुरू करने के लिए किया गया था। साथ ही इजरायल के औद्योगिक हथियार निर्माण औरअन्य सैन्य स्थलों को भी निशाना बनाया गया। सैटेलाइट इमेजनरी के माध्यम से एकत्र की गई खुफिया जानकार से पता चला है कि दर्जनों बैलिस्टिक मिसाइलों ने अपने लक्ष्यों पर सटीक हमला किया है। ईरान के ठिकानों पर किये गए हमले के बाद खाड़ी देश की ओर से जवाबी कार्रवाई किये जाने की आशंका के मद्देनजर अमेरिका अपने युद्धपोतों सहित सैन्य संसाधनों को पश्चिम एशिया की ओर स्थानांतरित कर रहा है। अमेरिका के दो अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
नौसेना ने विध्वंसक पोत यूएसएस थॉमस हडनर को पूर्वी भूमध्य सागर की ओर बढ़ने का निर्देश दिया है तथा दूसरे विध्वंसक पोत को भी आगे बढ़ने का निर्देश दिया गया है, ताकि व्हाइट हाउस द्वारा अनुरोध किए जाने पर वे उपलब्ध हो सकें। एक अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप स्थिति पर चर्चा करने के लिए अपने राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रमुखों के साथ बैठक कर रहे हैं। उधर ईरान ने अमेरिका के साथ न्यूक्लियर डील से हटने की घोषणा की है। उधर, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से कहा है कि वह अपने न्यूक्लियर प्रोगाम पर अमेरिका के साथ समझौता करे। । उन्होंने कहा कि ईरान को समझौता करने के लिए कई मौके दिए, लेकिन वे ऐसा नहीं कर पाए। आगाह किया कि इजरायल के हमले और भी तेज होते जाएंगे। हमलों के बाद ट्रंप ने कहा कि अब भी समय है कि नरसंहार को रोका जाए। खामेनेई ने एक बयान में कहा कि इजराइल ने हमारे प्यारे देश में अपराध के लिए अपना दुष्ट और खून से सना हाथ फैलाया है, तथा आवासीय केंद्रों पर हमला करके अपनी दुर्भावनापूर्ण प्रकृति को पहले से कहीं अधिक उजागर कर दिया है।
