
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दुनिया के अमीर और ताकतवर व्यक्तियों के लिए जेफ्री एपस्टीन का नाम आज भी चिंता का विषय बना हुआ है। हालांकि एपस्टीन अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनके द्वारा इकट्ठा किए गए दस्तावेज और तस्वीरें अमेरिकी सरकार द्वारा सार्वजनिक किए जा रहे हैं, जिनमें कई मशहूर और रसूखदार व्यक्तियों के नाम भी सामने आ रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि हजारों दस्तावेज और करीब 95 हजार तस्वीरें इस फाइल में शामिल हैं।

जेफ्री एपस्टीन कौन थे?
जेफ्री एपस्टीन का जन्म 1953 में न्यूयॉर्क में हुआ। उनके पिता कंस्ट्रक्शन वर्कर और मां स्कूल में काम करती थीं। कॉलेज की डिग्री न होने के बावजूद उन्होंने डाल्टन स्कूल में शिक्षक के रूप में काम किया। 1976 में स्कूल से निकाल दिए जाने के बाद, उन्होंने बैंकिंग और वित्त क्षेत्र में कदम रखा। बियर स्टर्न्स जैसी कंपनियों में काम करने के बाद उन्होंने अपनी फर्म शुरू की और अमेरिका के अमीरों के साथ काम करते हुए संपत्ति और निवेश की दुनिया में अपनी पहचान बनाई।

एपस्टीन मामला क्या है?
जेफ्री एपस्टीन पर यौन अपराध और नाबालिगों का शोषण करने के गंभीर आरोप थे। 2005 में अमेरिका के फ्लोरिडा में 14 वर्षीय एक लड़की ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि एपस्टीन ने उसे अपने घर मसाज के बहाने बुलाया और यौन संबंध बनाने के लिए दबाव डाला। इस शिकायत के बाद मामले की जांच शुरू हुई।
जांच में सामने आया कि यह अकेली घटना नहीं थी। एपस्टीन ने 50 से अधिक नाबालिग लड़कियों के साथ ऐसे अपराध किए। वह धमकियों और पैसों का लालच देकर लड़कियों को अपने जाल में फंसाता था। एपस्टीन हाई-प्रोफाइल पार्टियां आयोजित करता और अपने विला व प्राइवेट याट पर रसूखदार मेहमानों के सामने नाबालिग लड़कियों को पेश करता था। डोनाल्ड ट्रंप, बिल क्लिंटन, माइकल जैक्सन और पूर्व ब्रिटिश प्रिंस एंड्रयू जैसे नाम उसकी गेस्ट लिस्ट में सामने आए।

अदालत और सजा
एपस्टीन की संपत्ति और रसूख के चलते, जांच के बावजूद वह लंबे समय तक खुलेआम घूमते रहे। उन्हें केवल 13 महीने की हल्की जेल की सजा हुई, जिसमें भी वह दिन में बाहर आ सकते थे। उनके पास पेरिस, न्यूयॉर्क, मैक्सिको समेत कई बड़े शहरों में आलीशान घर और एक निजी द्वीप था।
MeToo कैंपेन और खुलासे
2017 में अमेरिका में शुरू हुए MeToo कैंपेन ने एपस्टीन की कार्रवाई को उजागर करने में मदद की। इस कैंपेन में वर्जीनिया ग्रिफे समेत करीब 80 महिलाओं ने एपस्टीन पर नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण और सेक्स ट्रैफिकिंग के आरोप लगाए। इसके बाद एपस्टीन का काला चेहरा पूरी दुनिया के सामने आया।


जेफ्री एपस्टीन का मामला सिर्फ यौन अपराध का नहीं, बल्कि दुनिया के रसूखदार और अमीर लोगों के संबंधों, शक्तियों और दबाव की कहानी भी बयां करता है। इन दस्तावेजों और खुलासों ने यह दिखा दिया कि अपराध और रसूख के बीच की सीमा कितनी धुंधली हो सकती है।
