
मेरठ से प्रयागराज: गंगा एक्सप्रेस-वे जनवरी में खुलेगा, 594 किलोमीटर की दूरी सिर्फ 6 घंटे में तय
मेरठ: उत्तर प्रदेश का सबसे लंबा और महत्वाकांक्षी गंगा एक्सप्रेस-वे जनवरी में जनता के लिए खोल दिया जाएगा। मेरठ से प्रयागराज तक 594 किलोमीटर लंबे इस हाईवे का निर्माण अब लगभग पूरा हो चुका है और दिसंबर में इसका ट्रायल रन शुरू करने की तैयारी है। ट्रायल से पहले विशेषज्ञों की टीम पूरे रूट का निरीक्षण करेगी और आवश्यक सर्टिफिकेट जारी करेगी, जिसके बाद ट्रायल रन की तारीख की घोषणा की जाएगी।
सरकार के सूत्रों के अनुसार, फाइनल टेस्टिंग के बाद प्रधानमंत्री 15 जनवरी को एक्सप्रेस-वे का औपचारिक उद्घाटन कर सकते हैं। UPDA अधिकारियों का कहना है कि मेरठ–बदायूं सेक्शन सहित अधिकांश हिस्से पूरी तरह तैयार हैं। केवल उन्नाव के पास कुछ सेक्शन में लगभग 2% काम बाकी है, जो कुछ ही दिनों में पूरा हो जाएगा। पूरे एक्सप्रेसवे पर कुल 1,498 बड़े स्ट्रक्चर बनाए जाने थे, जिनमें से 1,497 का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।
रणनीतिक महत्व और सुरक्षा इंतजाम
गंगा एक्सप्रेस-वे केवल यातायात के लिए ही नहीं, बल्कि रणनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। इस पर पांच स्थानों पर फाइटर एयरक्राफ्ट लैंडिंग स्ट्रक्चर बनाए गए हैं। शाहजहांपुर में 3.5 किलोमीटर लंबी हवाई पट्टी तैयार की गई है, जो आपात स्थिति में भारतीय वायुसेना के विमान के उतरने और उड़ान भरने के लिए इस्तेमाल की जा सकेगी।
12 जिलों से होकर गुजरेगा हाईवे
यह एक्सप्रेस-वे मेरठ से शुरू होकर प्रयागराज तक जाता है और रास्ते में मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज सहित कुल 12 जिलों से होकर गुजरता है। इसके संचालन से दिल्ली, पश्चिमी यूपी और पूर्वांचल के जिलों के बीच यात्रा काफी आसान हो जाएगी।
इसके अलावा, गंगा एक्सप्रेस-वे लखनऊ–आगरा एक्सप्रेसवे और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से जुड़कर पूरे राज्य में सड़क नेटवर्क और मजबूत करेगा और यातायात की सुगमता में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
