कपसाड़ प्रकरण में पुलिस ने मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग के बाद अपहृत रूबी को उसके परिवार के हवाले कर दिया है। जांच में साक्ष्य न मिलने पर नामजद आरोपी सुनील सोम को क्लीनचिट देकर रिहा किया गया है। वहीं मुख्य आरोपी पारस सोम के परिजन उसे नाबालिग बताते हुए किशोर न्यायालय में अर्जी देने की तैयारी कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि प्रमाण मिलने पर उन्हें जांच में शामिल किया जाएगा।

HIGHLIGHTS
- आशा ज्योति केंद्र में काउंसलिंग के बाद रूबी ने स्वजन के साथ जाने की दी सहमति
- परिवार ने लिखित में ली रूबी की सुरक्षा की जिम्मेदारी
- साक्ष्य के अभाव में सुनील सोम को पुलिस ने किया रिहा
- पारस सोम के परिजन उसे नाबालिग बता रहे, किशोर न्यायालय में अर्जी की तैयारी
- पुलिस का दावा, जांच में बरती जा रही पूरी पारदर्शिता और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
कपसाड़ प्रकरण में नया घटनाक्रम सामने आया है। अपहृत रूबी को मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग के बाद उसके परिवार के सुपुर्द कर दिया गया है, जबकि नामजद आरोपी सुनील सोम को पुलिस ने साक्ष्य के अभाव में क्लीनचिट देकर रिहा कर दिया। वहीं मुख्य आरोपी पारस सोम के परिजन उसे नाबालिग बताते हुए किशोर न्यायालय में जाने की तैयारी कर रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज स्थित आशा ज्योति केंद्र में रूबी की करीब तीन घंटे तक मनोचिकित्सक द्वारा काउंसलिंग कराई गई। काउंसलिंग के दौरान उससे पारस सोम से परिचय, अपहरण की घटना और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली गई। मानसिक स्थिति का आकलन करने के बाद रूबी ने स्वेच्छा से अपने परिवार के साथ जाने की सहमति जताई। इसके बाद सीओ सरधना और सीओ सिविल लाइन की मौजूदगी में उसे उसके स्वजन के हवाले कर दिया गया। परिवार की ओर से लिखित में रूबी की सुरक्षा की जिम्मेदारी लेने का आश्वासन भी दिया गया।
इधर, पुलिस जांच में नामजद आरोपी सुनील सोम की भूमिका अपहरण और हत्या की घटना में प्रमाणित नहीं हो सकी। पांच दिन की पुलिस हिरासत और जांच के बाद उसके खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य न मिलने पर उसे थाने से छोड़ दिया गया।
मुख्य आरोपी पारस सोम के परिजनों का दावा है कि वह नाबालिग है। उनका कहना है कि हाईस्कूल की मार्कशीट में उसकी जन्मतिथि 11 मई 2008 दर्ज है, जिससे उसकी उम्र 17 वर्ष 9 माह बनती है। इसी आधार पर मंगलवार को किशोर न्यायालय में अर्जी देकर उसे जिला जेल से बाल सुधार गृह भेजने की मांग की जाएगी। हालांकि विवेचक सीओ आशुतोष कुमार ने बताया कि फिलहाल पुलिस को पारस के नाबालिग होने से संबंधित कोई दस्तावेज प्राप्त नहीं हुए हैं। प्रमाण मिलने पर उन्हें विवेचना में शामिल किया जाएगा।
गौरतलब है कि कपसाड़ गांव में खेत जाते समय रूबी का अपहरण कर लिया गया था, जिसके बाद उसकी मां की हत्या का मामला भी सामने आया। इस संबंध में रूबी के भाई नरसी कुमार की ओर से पारस सोम और सुनील सोम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था।
एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि रूबी की काउंसलिंग के बाद उसे सुरक्षित रूप से परिवार के सुपुर्द कर दिया गया है। सुनील सोम के खिलाफ साक्ष्य न मिलने पर उसे भी रिहा किया गया है। मामले की विवेचना पूरी पारदर्शिता के साथ की जा रही है। युवती के घर पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और आने-जाने वालों पर नजर रखी जा रही है।
