
मवाना (मेरठ)। अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद और राष्ट्रीय बजरंग दल के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. प्रवीण भाई तोगड़िया ने रविवार को मवाना में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण पूर्ण हो चुका है और अब मथुरा व काशी की बारी है। उन्होंने हिंदू समाज से एकजुट रहने और अपनी आस्था व संस्कृति की रक्षा के लिए संगठित होने का आह्वान किया।
गार्डन सिटी मंडप में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए डॉ. तोगड़िया ने कहा कि हिंदू धर्म विश्व का सबसे प्राचीन और व्यापक धर्म है, लेकिन इसके संरक्षण के लिए समाज को जागरूक रहना होगा। उन्होंने बांग्लादेश के हालात का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि हिंदुओं की आबादी और सामाजिक शक्ति कमजोर होती गई तो ऐसे हालात भारत में भी पैदा हो सकते हैं।
डॉ. तोगड़िया ने कहा कि श्रीराम मंदिर के लिए दशकों तक संघर्ष किया गया और सुप्रीम कोर्ट के निर्णय से यह स्पष्ट हो गया कि अयोध्या में राम मंदिर ही था। उन्होंने कहा कि अब मथुरा और काशी को लेकर भी प्रयास होंगे। साथ ही उन्होंने हिंदू समाज के लिए निशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं, रोजगार के अवसर और किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य दिलाने की बात कही।
जनसंख्या नियंत्रण कानून की आवश्यकता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि कानून बनने के बाद नियमों का उल्लंघन करने वालों को सरकारी सुविधाएं नहीं मिलनी चाहिए। उन्होंने अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों को वापस भेजने की मांग भी दोहराई। स्वास्थ्य के विषय में उन्होंने संतुलित दिनचर्या, नियमित व्यायाम, प्राणायाम और पारिवारिक संवाद को जरूरी बताया। महिलाओं और बेटियों को आत्मरक्षा के गुण सिखाने पर भी उन्होंने बल दिया।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय महिला परिषद की अध्यक्ष रजनी ठकुराल ने कहा कि राम जन्मभूमि आंदोलन के समय से अयोध्या, मथुरा और काशी को लेकर संकल्प लिया गया था। अयोध्या का लक्ष्य पूरा हो चुका है और अब मथुरा व काशी के लिए भी संघर्ष की आवश्यकता पड़ी तो कार्यकर्ता तैयार हैं।
डॉ. तोगड़िया ने श्रीराम मंदिर निर्माण से जुड़ी जानकारी साझा करते हुए बताया कि मंदिर के लिए पत्थर और अन्य संसाधन करोड़ों हिंदुओं के छोटे-छोटे योगदान से जुटाए गए थे। उन्होंने कहा कि यह मंदिर किसी एक व्यक्ति या संगठन का नहीं, बल्कि पूरे हिंदू समाज की आस्था का प्रतीक है।
इससे पहले डॉ. तोगड़िया के मवाना पहुंचने पर उनका भव्य स्वागत किया गया और रोड शो निकाला गया। कार्यक्रम स्थल पर श्रीराम दरबार और भारत माता के चित्र पर दीप प्रज्वलन किया गया। विभिन्न संगठनों और समाज के लोगों ने उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। सम्मेलन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
