Yogi Adityanath, chief minister of Uttar Pradesh, speaks during a news conference in Lucknow, India, on Friday, March 19, 2021. The ruling Bharatiya Janata Party faces a slew of provincial elections this year and next, including in key Uttar Pradesh state, which sends the largest number of lawmakers to the parliament. Photographer: T. Narayan/Bloomberg via Getty Images
लखनऊ एजेंसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में वित्तमंत्री सुरेश खन्ना ने वित्तीय वर्ष 2025-26 का वार्षिक बजट प्रस्तुत किया। गुरुवार को विधानसभा में प्रस्तुत किया गया बजट प्रदेश के इतिहास में अबतक का सबसे बड़ा बजट है। बजट का आकार 08 लाख 08 हजार 736 करोड़ 06 लाख रुपये है जो वर्ष 2024 2025 के बजट से 9.8 प्रतिशत अधिक है। बजट में योगी सरकार ने महिला व श्रमिक कल्याण के लिए विशेष प्रविधान किए हैं। योगी सरकार के इस बजट में महिलाओं का खास ख्याल रखा गया है। कई महत्वपूर्ण मौकों पर बजट के माध्यम से महिलाओं को लाभ पहुंचाने के लिए सरकार ने इसका ऐलान किया है। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अन्तर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में 96 लाख से अधिक परिवारों की महिलाओं को आच्छादित किया गया है। ग्राम स्तर पर डिजिटल लेन-देन को प्रोत्साहित करने हेतु बी.सी.सखी योजना के अन्तर्गत 39, 556 बी. सी. सखी द्वारा कार्य करते हुये 31, 103 करोड़ रुपये से अधिक का वित्तीय लेन-देन किया गया व 84.38 करोड रुपये का लाभांश अर्जित किया गया। लखपति महिला योजना के अन्तर्गत 31 लाख से अधिक दीदियों का चिन्हांकन किया गया है तथा 02 लाख से अधिक महिलाएं लखपति की श्रेणी में आ चुकी हैं। महिला एवं बाल विकास के लिए खोला खजाना
महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत आने वाली योजनाओं के लिए योगी सरकार ने बजट में विशेष प्रविधान किए हैं। इसके तहत निराश्रित महिला पेंशन योजनान्तर्गत पात्र लाभार्थियों को देय पेंशन के भुगतान हेतु 2980 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजनान्तर्गत 700 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित है। वाराणसी, मेरठ, प्रयागराज, गोरखपुर, कानपुर नगर, झाँसी एवं आगरा में मुख्यमंत्री श्रमजीवी महिला छात्रावासों के निर्माण की नई योजना प्रस्तावित की गई है जिसके 170 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। कोविड के दौरान जिन बच्चों ने अपने माता-पिता को खोया है उनकी देखभाल और वित्तीय सहायता हेतु संचालित उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के लिये 252 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। पुष्टाहार कार्यक्रम के अन्तर्गत समन्वित बाल विकास परियोजनाओं पर राज्य सरकार द्वारा दिये जाने वाले पोषाहार के लिये लगभग 4119 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं सहायिकाओं को अतिरिक्त मानदेय के भुगतान हेतु 971 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। इन योजनाओं के क्रियान्यवयन में यूपी है टॉप पर वित्त मंत्री ने बजट भाषण के दौरान बताया कि प्रधानमंत्री जनधन योजना के अन्तर्गत प्रदेश 9.57 करोड़ खातों के साथ देश में प्रथम स्थान पर है। प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजनान्तर्गत अब तक प्रदेश में 6.52 करोड़ नामांकन के साथ उत्तर प्रदेश प्रथम स्थान पर है। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजनान्तर्गत अब तक प्रदेश में 2.28 करोड़ नामांकन के साथ उत्तर प्रदेश प्रथम स्थान पर है। अटल पेंशन योजनान्तर्गत अब तक प्रदेश में 1.12 करोड़ नामांकन के साथ प्रदेश का उत्कृष्ट प्रदर्शन रहा है। स्कूटी प्रदान किये जाने की नई योजना योगी सरकार ने उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही मेधावी छात्राओं को पात्रता के आधार पर स्कूटी प्रदान किये की नई योजना लायी जा रही है। बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने हेतु सह शिक्षा की व्यवस्था के साथ-साथ बालिका छात्रावास का निर्माण, बालिकाओं का सशक्तिकरण, मीना मंच, आत्त्म रक्षा प्रशिक्षण एवं संवेदीकरण आदि गतिविधियों का क्रियान्वयन किया जा रहा है। आवासीय विद्यालय योजना प्रदेश के 12 जनपदों में संचालित है, जिनमें प्रत्येक विद्यालय में 100-100 बालक एवं बालिकाओं को प्रदेशित किये जाने का प्रावधान है।
