मेरठ प्रशासन और यातायात पुलिस ने रैपिड रेल और मेट्रो स्टेशनों के आसपास सुरक्षा और यातायात सुधार के लिए व्यापक योजना बनाई है। इसके तहत सभी स्टेशनों पर पुलिस चौकियां, पार्किंग सुविधाएं और एएनपीआर कैमरे लगाए जाएंगे। साथ ही शहर के 60 प्रमुख चौराहों के चौड़ीकरण और 9 चौराहों पर एएनपीआर कैमरे लगाने का प्रस्ताव है। इससे वाहन चोरी पर नियंत्रण, तेजगति निगरानी और जाम कम करने में मदद मिलेगी।

HIGHLIGHTS
- सभी रैपिड और मेट्रो स्टेशनों पर पुलिस चौकियों की स्थापना की योजना।
- 13 स्टेशनों पर पार्किंग सुविधाओं का विस्तार, फिलहाल केवल मेरठ साउथ में उपलब्ध।
- एएनपीआर कैमरों से वाहनों की नंबर प्लेट रिकॉर्डिंग और चोरी वाहन की तुरंत पहचान।
- शहर के 60 चौराहों का चौड़ीकरण और 9 चौराहों पर एएनपीआर कैमरे।
- कैमरों से वाहन की गति पर निगरानी और तेजगति पर स्वतः चालान कटना।
- नौ चौराहों पर लेफ्ट फ्री व्यवस्था लागू करने का प्रस्ताव।
- दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से परतापुर इंटरचेंज तक यात्रा समय घटाने के लिए कार्ययोजना।
मेरठ में रैपिड रेल और मेट्रो के संचालन को देखते हुए शहर की यातायात व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में पुलिस और प्रशासन ने व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। प्रस्ताव के तहत सभी रैपिड और मेट्रो स्टेशनों पर पुलिस चौकियों की स्थापना, पार्किंग सुविधाओं का विस्तार और अत्याधुनिक एएनपीआर (ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) कैमरे लगाने की योजना बनाई गई है। इसका उद्देश्य यातायात को सुचारू करना और अपराध, खासकर वाहन चोरी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से परतापुर इंटरचेंज तक पहुंचने में वर्तमान में लगभग एक घंटा लग जाता है। वहीं परतापुर से गंगानगर के लिए उपलब्ध तीनों मार्गों पर यात्रा का समय 45 से 50 मिनट है। इस समय को घटाने के लिए यातायात पुलिस ने नगर निगम सहित संबंधित विभागों के साथ मिलकर एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है, जिसे इसी वर्ष लागू करने का लक्ष्य रखा गया है।
दिल्ली रोड को इस योजना में सबसे अहम माना गया है। पुलिस का आकलन है कि रैपिड रेल और मेट्रो के संचालन के बाद इस मार्ग पर यातायात का दबाव बढ़ेगा और स्टेशनों के आसपास जाम की स्थिति बन सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए यातायात पुलिस ने आरआरटीएस प्रबंधन के साथ अपनी योजना साझा की है। प्रस्ताव में सभी रैपिड स्टेशनों पर पुलिस चौकी बनाने की बात कही गई है। फिलहाल भैंसाली और मोदीपुरम रेलवे स्टेशन पर ही पुलिस चौकियां मौजूद हैं।
इसके साथ ही सभी 13 रैपिड स्टेशनों पर पार्किंग सुविधा विकसित करने का प्रस्ताव है। वर्तमान में केवल मेरठ साउथ स्टेशन पर ही पार्किंग की व्यवस्था उपलब्ध है। अन्य स्टेशनों पर भी पार्किंग लागू करने के निर्देश जारी किए गए हैं। सुरक्षा और निगरानी को और मजबूत करने के लिए सभी स्टेशनों पर एएनपीआर कैमरे लगाए जाएंगे, जिससे आने-जाने वाले वाहनों की नंबर प्लेट का स्वतः रिकॉर्ड रखा जा सकेगा।
शहर स्तर पर भी यातायात सुधार की बड़ी योजना तैयार की गई है। इसके तहत 60 प्रमुख चौराहों के चौड़ीकरण का प्रस्ताव भेजा गया है। साथ ही नौ महत्वपूर्ण चौराहों पर एएनपीआर कैमरे लगाने की तैयारी है। डीआईजी कलानिधि नैथानी ने बताया कि अलीगढ़ में पहले से ही ऐसे कैमरे लगाए गए हैं, जिनसे चोरी के वाहनों की पहचान तुरंत हो जाती है। जैसे ही चोरी किए गए वाहन का नंबर कैमरे में दर्ज होता है, कंट्रोल रूम में तत्काल अलर्ट मिल जाता है।
इन कैमरों के जरिए वाहनों की गति पर भी स्वतः निगरानी रखी जा सकेगी। निर्धारित सीमा से अधिक रफ्तार होने पर चालान स्वतः कट जाएगा। इसके अलावा नौ चौराहों पर लेफ्ट फ्री व्यवस्था लागू करने का भी प्रस्ताव है। इस संबंध में एसपी यातायात और नगर निगम अधिकारियों के बीच बातचीत पूरी हो चुकी है। प्रशासन का मानना है कि इन कदमों से मेरठ की यातायात व्यवस्था अधिक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और आधुनिक बन सकेगी।
