मेरठ के कपसाड़ कांड के आरोपी पारस सोम को कड़ी सुरक्षा के बीच न्यायालय में पेश किया गया, जहां उसने खुद को निर्दोष बताते हुए सभी आरोपों से इनकार किया। सरकारी वकील की मांग पर अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। इस दौरान कचहरी परिसर और गांव में सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है और स्थिति शांतिपूर्ण है।

HIGHLIGHTS
- कपसाड़ कांड के आरोपी पारस सोम की भारी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेशी।
- न्यायाधीश के सामने पारस ने खुद को बताया बेकसूर, सभी आरोपों से किया इनकार।
- सरकारी वकील ने हत्या और अपहरण के आरोप में जेल भेजने की मांग की।
- अदालत के आदेश पर पारस सोम न्यायिक हिरासत में जिला जेल भेजा गया।
- कचहरी और गांव में तैनात रहा भारी पुलिस बल, पुलिस ने हालात शांत होने का दावा किया।
हीरा संवाददाता, मेरठ। मेरठ के कपसाड़ कांड में आरोपी पारस सोम को रविवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच न्यायालय में पेश किया गया। अदालत में पेशी के दौरान पारस ने स्वयं को निर्दोष बताते हुए सभी आरोपों से इनकार किया। न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेजने के आदेश दिए।
रविवार को पारस सोम को एसीजेएम-7 न्यायालय में पेश किया गया, जहां न्यायाधीश सावन कुमार ने उसके चेहरे से मफलर हटवाकर नाम-पता और आरोपों के संबंध में पूछताछ की। पूछे जाने पर पारस ने कहा कि उसने कोई अपराध नहीं किया है और उस पर लगाए गए आरोप पूरी तरह झूठे हैं। सुनीता की हत्या और बेटी के अपहरण से जुड़े सवालों पर उसने अनभिज्ञता जताई।
पुलिस ने पारस सोम को शनिवार को रूड़की के चूडियाला रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया था। देर रात उसे मेरठ लाकर पुलिस लाइन में पूछताछ की गई। इस दौरान वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने पारस और रूबी से अलग-अलग पूछताछ की। वहीं, रविवार दोपहर रूबी को एसीजेएम-2 न्यायालय में पेश कर मजिस्ट्रेट के समक्ष उसके बयान दर्ज कराए गए, जो करीब 50 मिनट तक चले।
शाम करीब 4.45 बजे पारस को न्यायालय में पेश किया गया, जहां सरकारी वकील ने उसे अनुसूचित जाति की महिला की हत्या और बेटी के अपहरण का आरोपी बताते हुए जेल भेजने की मांग की। पारस की ओर से कोई अधिवक्ता पेश नहीं हुआ, जिसके बाद अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
पारस की पेशी को लेकर कचहरी परिसर में सुबह से ही भारी पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस अधिकारियों के साथ महिला पुलिसकर्मियों की भी तैनाती की गई थी। अवकाश के बावजूद कचहरी में अधिवक्ताओं और मीडियाकर्मियों की मौजूदगी बनी रही। आदेश के बाद पुलिस ने पारस को जिला जेल में दाखिल कराया।
डीआईजी कलानिधि नैथानी ने बताया कि मामले को लेकर किसी भी तरह के तनाव की स्थिति नहीं है। गांव में एहतियातन पुलिस बल तैनात किया गया है और हालात पूरी तरह शांतिपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष विवेचना कर रही है।
