मेरठ में पुलिस ने स्पा सेंटरों की आड़ में चल रहे संगठित देह व्यापार का पर्दाफाश किया है। चार अलग-अलग स्पा सेंटरों पर एक साथ की गई कार्रवाई में 16 युवतियों को मुक्त कराया गया, जबकि चार महिला संचालिकाओं समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस को जांच में व्हाट्सएप के जरिए रेट तय करने, फोटो भेजकर ग्राहकों को बुलाने और बड़े नेटवर्क के संचालन के अहम सबूत मिले हैं।

HIGHLIGHTS
- चार स्पा सेंटरों पर एक साथ पुलिस की छापेमारी
- 16 युवतियां बरामद, स्वजन को सौंपा गया
- 2,000 से 5,000 रुपये तक तय थे रेट
- व्हाट्सएप के जरिए भेजे जाते थे युवतियों के फोटो
- रजिस्टर और सीसीटीवी डीवीआर कब्जे में, नेटवर्क की जांच तेज
मेरठ में स्पा सेंटरों की आड़ में चल रहे देह व्यापार के एक बड़े नेटवर्क का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सीओ सिविल लाइन के नेतृत्व में चार विशेष टीमों का गठन किया गया, जिन्होंने एक साथ शहर के अलग-अलग इलाकों में संचालित स्पा सेंटरों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई में पुलिस ने 16 युवतियों को बरामद किया और चार महिला संचालिकाओं समेत कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस जांच में सामने आया कि इन स्पा सेंटरों में मसाज के नाम पर अवैध गतिविधियां लंबे समय से संचालित की जा रही थीं। ग्राहकों से मनपसंद युवती उपलब्ध कराने के बदले दो हजार से पांच हजार रुपये तक की राशि वसूली जाती थी। इसके लिए व्हाट्सएप के माध्यम से युवतियों के फोटो भेजे जाते थे और सौदा तय होने के बाद उन्हें बुलाया जाता था।
सीओ सिविल लाइन के अनुसार, गढ़ रोड क्षेत्र में ‘मेरठ स्किन सॉल्यूशन’ नाम से संचालित स्पा सेंटर का संचालन लोहियानगर निवासी आयशा खान और ललित कुमार कर रहे थे। इसी तरह मंगल पांडेय नगर में ‘रोज वाटर विला’ और ‘ए-वन स्टूडियो फैमिली सॉल्यूशन’ के नाम से स्पा सेंटर चलाए जा रहे थे। रोज वाटर विला की संचालिका मोदीनगर निवासी रेखा है, जबकि ए-वन स्टूडियो का संचालन श्यामनगर की तब्बसुम, जागृति विहार की शालिनी शर्मा और अमजद द्वारा किया जा रहा था।
इसके अलावा शाप्रिक्स मॉल के भीतर ‘युवा यूनिसेफ फैमिली सॉल्यूशन’ नाम से एक और स्पा सेंटर संचालित पाया गया, जिसे सर्वोदय कॉलोनी निवासी शाइस्ता निखत और उनके पति चला रहे थे। पुलिस का कहना है कि चारों स्थानों पर एक समान तरीके से देह व्यापार कराया जा रहा था।
छापेमारी के दौरान कुछ आरोपी मौके से फरार हो गए, हालांकि चार महिला संचालिकाओं और एक युवक को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि यह गतिविधियां काफी समय से चल रही थीं। जरूरत पड़ने पर दिल्ली और अन्य स्थानों से भी युवतियों को बुलाया जाता था, साथ ही ग्राहकों की मांग पर उन्हें दूसरे स्थानों पर भेजने की व्यवस्था भी की जाती थी।
पुलिस ने सभी स्पा सेंटरों के रजिस्टर और सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर जब्त कर ली है। रजिस्टरों में दर्ज नामों के आधार पर यह भी जांच की जा रही है कि इस अवैध धंधे में किन-किन लोगों की भूमिका रही। जांच के दौरान कुछ नाम ऐसे भी सामने आए हैं, जिनकी पृष्ठभूमि की गहनता से पड़ताल की जा रही है।
इसके अलावा आरोपियों के मोबाइल फोन से आपत्तिजनक संदेश और करीब 225 युवतियों के फोटो बरामद किए गए हैं, जिन्हें ग्राहकों को भेजा जाता था। पुलिस का कहना है कि नेटवर्क में लगातार नई युवतियों को जोड़ा जा रहा था, जिनमें कुछ कॉलेज में पढ़ने वाली युवतियां भी बताई जा रही हैं।
बरामद की गई सभी 16 युवतियों को उनके परिजनों को बुलाकर कानूनी प्रक्रिया के तहत सौंप दिया गया है। वहीं, चारों स्पा सेंटरों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने के लिए जांच को और तेज किया जाएगा।
