मेरठ जिले में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण के दौरान 2.75 लाख से अधिक मतदाताओं की जानकारी अधूरी पाई गई है। इन मतदाताओं ने 2003 की मतदाता सूची से संबंधित विवरण उपलब्ध नहीं कराया है। चुनाव आयोग ऐसे सभी मतदाताओं को नोटिस भेजेगा, जिनके जवाब और प्रमाण संतोषजनक न होने पर उनके नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हटाए जा सकते हैं।
HIGHLIGHTS
- मेरठ की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में 20.34 लाख मतदाता शामिल
- 2.75 लाख मतदाताओं ने 2003 की मतदाता सूची का विवरण नहीं दिया
- जन्मतिथि और जन्मस्थान के प्रमाण देने होंगे अनिवार्य
- 269 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी करेंगे सुनवाई
- हर विधानसभा क्षेत्र में बनाए जाएंगे सुनवाई केंद्र
- नोटिस का जवाब न देने पर मतदाता सूची से नाम कटने की कार्रवाई
मेरठ में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं को नोटिस भेजने की तैयारी की जा रही है। जिला प्रशासन की ओर से जारी विधानसभा क्षेत्रों की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में कुल 20.34 लाख मतदाताओं के नाम शामिल किए गए हैं। ये सभी वे मतदाता हैं, जिन्होंने गणना प्रपत्र भरकर समय पर जमा कराया था।
हालांकि जांच में सामने आया है कि इनमें से 2.75 लाख से अधिक मतदाताओं ने गणना प्रपत्र में वर्ष 2003 की मतदाता सूची से संबंधित आवश्यक विवरण उपलब्ध नहीं कराया है। नियमों के अनुसार, ऐसे मतदाताओं को अब नोटिस भेजे जाएंगे। इन नोटिसों के माध्यम से उनसे अपनी जन्मतिथि और जन्मस्थान से जुड़े प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने को कहा जाएगा।
सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी सत्यप्रकाश सिंह ने बताया कि चुनाव आयोग द्वारा यह प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी और संबंधित मतदाताओं को नोटिस भेजे जाएंगे। नोटिस के जवाब में निर्धारित समय के भीतर प्रमाण प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
इन मामलों की सुनवाई के लिए चुनाव आयोग ने 269 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों की नियुक्ति की है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में इसके लिए अलग-अलग केंद्र बनाए जाएंगे, जहां अधिकारी दस्तावेजों की जांच करेंगे। यदि कोई मतदाता नोटिस का जवाब नहीं देता है या संतोषजनक प्रमाण उपलब्ध नहीं कराता है, तो उसका नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची से हटाया जा सकता है।
