
HIGHLIGHTS
- मेरठ में पिनाका वेपन सिस्टम के आधुनिकीकरण के लिए महत्वपूर्ण समझौता।
- ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को नई मजबूती।
- भारतीय थलसेना की परिचालन क्षमता और स्वदेशीकरण को मिलेगा बढ़ावा।
हीरा संवाददाता, मेरठ। भारतीय थलसेना को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मेरठ एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभरने जा रहा है। जिले में स्वदेशी पिनाका मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम के ओवरहाल और आधुनिकीकरण का कार्य किया जाएगा, जिससे सेना की सामरिक क्षमता को नई मजबूती मिलेगी।
इस उद्देश्य से इंडियन आर्मी की इलेक्ट्रॉनिक्स एवं मैकेनिकल इंजीनियर्स (ईएमई) शाखा ने रक्षा क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों लार्सन एंड टूब्रो (एलएंडटी) और टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (टीएएसएल) के साथ एक अहम समझौता ज्ञापन (एमओयू) किया है। समझौते के तहत मेरठ छावनी स्थित 510 आर्मी बेस वर्कशॉप में पिनाका वेपन सिस्टम के उन्नयन, रखरखाव और तकनीकी सुधार किए जाएंगे।
सेना की मध्य कमान ने मंगलवार को सोशल मीडिया के माध्यम से इस जानकारी को साझा किया। एमओयू के अंतर्गत पिनाका रॉकेट सिस्टम के पुराने संस्करणों को आधुनिक तकनीक से लैस किया जाएगा, ताकि उनकी कार्यक्षमता और परिचालन तत्परता बनी रहे। यह पूरा कार्य स्वदेशी संसाधनों और भारतीय तकनीकी विशेषज्ञता के जरिए किया जाएगा।

इस पहल से न केवल हथियार प्रणालियों की त्वरित उपलब्धता सुनिश्चित होगी, बल्कि तकनीकी अप्रचलन की समस्या का भी समाधान संभव होगा। उन्नयन कार्यक्रम का नेतृत्व कोर ऑफ ईएमई के अनुभवी सैन्य तकनीकी अधिकारी करेंगे, जबकि उद्योग स्तर पर एलएंडटी और टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स के विशेषज्ञ सहयोग प्रदान करेंगे।
यह साझेदारी सेना और स्वदेशी रक्षा उद्योग के बीच प्रभावी समन्वय का उदाहरण मानी जा रही है। भविष्य में इसे देश की अन्य आर्मी बेस वर्कशॉप्स में भी लागू किया जा सकता है, जिससे पुराने रॉकेट सिस्टम्स के आधुनिकीकरण के लिए एक मानक मॉडल तैयार होगा।
एमओयू से आयात पर निर्भरता घटेगी, लागत में कमी आएगी और देश में ही उन्नत रक्षा तकनीक विकसित करने की क्षमता को बल मिलेगा। साथ ही, इससे सेना की युद्धक तैयारी, लॉजिस्टिक सपोर्ट और दीर्घकालिक टिकाऊ समाधान को भी मजबूती मिलेगी।
कुल मिलाकर, पिनाका वेपन सिस्टम के उन्नयन से जुड़ा यह समझौता ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के साथ-साथ भारतीय थलसेना की मारक क्षमता को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
