भारत और रूस ने अपने रणनीतिक संबंधों को और मज़बूत करने के लिए स्वास्थ्य, खाद्य सुरक्षा और शिपबिल्डिंग जैसे प्रमुख क्षेत्रों में कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। इन करारों से न सिर्फ़ दोनों देशों के बीच व्यापार और तकनीकी सहयोग बढ़ेगा, बल्कि विकास के नए अवसर भी खुलेंगे।
स्वास्थ्य क्षेत्र में हुए समझौते चिकित्सा अनुसंधान, दवाओं के उत्पादन और फार्मास्यूटिकल सहयोग को नई दिशा देंगे। वहीं खाद्य सुरक्षा से जुड़े करारों का मक़सद दोनों देशों के बीच खाद्य उत्पादों के सुरक्षित और सुगम व्यापार को सुनिश्चित करना है।
शिपबिल्डिंग सेक्टर में तकनीकी सहयोग और संयुक्त परियोजनाएँ, समुद्री सुरक्षा और रक्षा संबंधों को और मजबूत कर सकती हैं। कुल मिलाकर, ये समझौते भारत-रूस साझेदारी में एक और बड़ा कदम साबित हो सकते हैं।

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे का आज दूसरा दिन रहा। बुधवार को उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक की। बातचीत के बाद दोनों नेताओं ने दिल्ली में संयुक्त प्रेस बयान जारी किया, जिसमें कई अहम घोषणाएँ की गईं।
संयुक्त बयान से पहले भारत और रूस ने हेल्थ और फूड सेफ्टी सेक्टर में सहयोग बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, PM मोदी और पुतिन की वार्ता के बाद दोनों देशों ने पोर्ट और शिपिंग सेक्टर में साझेदारी को मजबूत करने के लिए भी एक MoU साइन किया।
इसके अलावा, भारत और रूस ने अपनी अर्थव्यवस्थाओं के स्ट्रेटेजिक क्षेत्रों में सहयोग को नई गति देने पर सहमति जताई। इन समझौतों को दोनों देशों के दीर्घकालिक संबंधों और भविष्य की साझेदारियों के लिए बड़ा कदम माना जा रहा है।
पीएम मोदी ने क्या कहा?
संयुक्त बयान के बाद पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति पुतिन का दौरा ऐसे समय पर हो रहा है, जब हमारे द्विपक्षीय रिश्ते कई ऐतिहासिक पड़ावों से गुजर रहे हैं। पीएम ने कहा कि भारत-रूस की दोस्ती पिछले आठ दशकों से पोल स्टार की तरह पक्की रही है।
पीएम ने कहा कि भारत-रूस के रिश्ते आपसी सम्मान और गहरे भरोसे पर टिके हैं। दोनों देशों के ये रिश्ते हमेशा समय की कसौटी पर खरे उतरे हैं। हमने भारत-रूस के रिश्तों को और मजबूत करने के लिए सहयोग के सभी क्षेत्र पर चर्चा की।
मिनरल्स को लेकर भी दोनों देशों में बनी बात
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हम 2030 तक भारत-रूस आर्थिक सहयोग प्रोग्राम पर सहमत हुए। राष्ट्रपति पुतिन से बातचीत के बाद PM मोदी ने कहा कि भारत ने शुरू से ही यूक्रेन मुद्दे पर शांति की वकालत की है। उन्होंने आगे कहा कि पूरी दुनिया में सुरक्षित और अलग-अलग तरह की सप्लाई चेन पक्का करने के लिए जरूरी मिनरल्स में भारत, रूस का सहयोग बहुत जरूरी है।
वहीं, प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत और रूस यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन के साथ FTA को जल्द पूरा करने की दिशा में काम कर रहे हैं। भारत हमेशा यूक्रेन में शांति लाने के लिए अपना योगदान देने के लिए तैयार रहा है और भविष्य में भी ऐसा ही रहेगा। हम यूक्रेन विवाद के शांतिपूर्ण और पक्के समाधान के लिए किए जा रहे सभी प्रयासों का स्वागत करते हैं।
पीएम मोदी का शांति संदेश
रूस के राष्ट्रपति पुतिन के साथ द्विपक्षीय मुलाकात के दौरान पीएम मोद ने एक बार फिर से शांति का अपना संदेश दिया। पीएम मोदी ने राष्ट्रीय राजधानी में पुतिन के साथ अपनी वार्ता के शुरुआत में कहा कि भारत न्यूट्रल नहीं है, बल्कि शांति के साथ खड़ा है।
वहीं, संयुक्त स्टेटमेंट में पीएम मोदी ने भारत-रूस रिश्तों को गहरा करने में पुतिन की विजनरी लीडरशिप की तारीफ की और कहा कि ग्लोबल चैलेंज के बावजूद, दोस्ती पक्की बनी हुई है। पीएम मोदी ने घोषणा करते हुए कहा कि दोनों देशों ने 2030 तक एक ‘इकोनॉमिक कोऑपरेशन प्रोग्राम’ के बारे में बात की है और यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन के साथ एक FTA को जल्द पूरा करने की दिशा में काम कर रहे हैं।
भारत की मेहमाननवाजी की पुतिन ने की तारीफ
वहीं, रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि मैं भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और पीएम मोदी तथा हमारे सभी भारतीय साथियों को रूसी प्रतिनिधि मंडल के गर्मजोशी के स्वागत और मेहमाननवाजी के लिए धन्यवाद देता हूं। में कल रात के डिनर के लिए पीएम मोदी का धन्यवाद भी करता हूं। (समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
