मेरठ के कपसाढ़ गांव में मां की हत्या और बेटी के अपहरण की घटना से पूरे दिन तनाव बना रहा। परिजन युवती की बरामदगी की मांग पर अंतिम संस्कार से अड़े रहे। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के आश्वासन के बाद कड़ी सुरक्षा में देर शाम अंतिम संस्कार किया गया।

HIGHLIGHTS
- मां की हत्या व बेटी के अपहरण से कपसाढ़ गांव में तनाव, भारी पुलिस बल तैनात।
- युवती की बरामदगी की मांग पर परिजन दिनभर अंतिम संस्कार से करते रहे इन्कार।
- प्रशासनिक व राजनीतिक हस्तक्षेप के बाद देर शाम सुनीता का अंतिम संस्कार।
मेरठ के सरधना क्षेत्र के कपसाढ़ गांव में मां की हत्या और बेटी के अपहरण की घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। गुरुवार को सुनीता की हत्या और उनकी बेटी के लापता होने के बाद गांव में तनाव का माहौल बन गया, जो शुक्रवार भर बना रहा। हालात को देखते हुए गांव और उसके आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
पोस्टमार्टम के बाद सुनीता का शव गुरुवार रात ही गांव पहुंच गया था, लेकिन परिजन युवती की बरामदगी की मांग पर अड़े रहे और अंतिम संस्कार से इन्कार कर दिया। इस दौरान राजनीतिक गतिविधियां भी तेज रहीं। प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने दिनभर परिवार से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया।

सरधना विधायक अतुल प्रधान को गांव जाने से रोके जाने पर उन्होंने समर्थकों के साथ धरना दिया। बाद में परिजन उनसे मिलने पहुंचे और उन्हें घर ले आए। प्रशासन की ओर से आर्थिक सहायता, मुआवजा और एक सदस्य को नौकरी देने जैसे आश्वासन भी दिए गए, लेकिन परिवार का रुख नहीं बदला। शाम तक पूर्व विधायक संगीत सोम और पूर्व सांसद संजीव बालियान भी गांव पहुंचे और पीड़ित परिवार को न्याय का भरोसा दिलाया।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गांव को छावनी में तब्दील कर दिया गया। सभी प्रमुख मार्गों पर बैरियर लगाए गए और आरएएफ के साथ पुलिस बल ने रूट मार्च किया। वरिष्ठ अधिकारी, जिनमें डीआइजी, जिलाधिकारी और एसएसपी शामिल थे, लगातार मौके पर मौजूद रहे और हालात पर नजर बनाए रहे।
शाम को पूर्व विधायक संगीत सोम के हस्तक्षेप के बाद परिवार अंतिम संस्कार के लिए राजी हुआ। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच देर शाम सुनीता का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान जनप्रतिनिधियों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण और अधिकारी मौजूद रहे।

पुलिस प्रशासन ने बताया कि युवती की बरामदगी और आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित की गई हैं। कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही मामले का खुलासा कर युवती को सुरक्षित बरामद कर लिया जाएगा।
प्रदेश सरकार ने भी घटना को गंभीरता से लिया है। प्रभारी मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं और पीड़ित परिवार को हरसंभव कानूनी व आर्थिक सहायता दी जाएगी। प्रशासन को कानून व्यवस्था बनाए रखने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
