मेरठ के कपसाढ़ में मां की हत्या और बेटी के अपहरण के मामले में सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। प्रभारी मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं मामले की निगरानी कर रहे हैं। एक आरोपित पकड़ा जा चुका है और बाकी की गिरफ्तारी जल्द होगी।

HIGHLIGHTS
- कपसाढ़ घटना को लेकर मुख्यमंत्री और सरकार गंभीर, पुलिस की कई टीमें गठित।
- एक आरोपित गिरफ्तार, दूसरे की गिरफ्तारी और युवती की बरामदगी के प्रयास तेज।
- पीड़ित परिवार को कानूनी व आर्थिक सहायता का सरकार ने दिया भरोसा।
मेरठ के कपसाढ़ गांव में मां की हत्या और बेटी के अपहरण की घटना को लेकर प्रदेश सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। जनपद के प्रभारी मंत्री और पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री स्वयं इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं और किसी भी आरोपित को बख्शा नहीं जाएगा।
शुक्रवार को विकास भवन सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता में प्रभारी मंत्री ने बताया कि घटना के तुरंत बाद जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को जांच, आरोपितों की गिरफ्तारी और युवती की सुरक्षित बरामदगी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पुलिस की कई टीमें गठित की गई हैं, जिनमें से एक आरोपित को पकड़ लिया गया है, जबकि दूसरे की गिरफ्तारी भी शीघ्र की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार पीड़ित परिवार को कानूनी और आर्थिक सहायता देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
धर्मपाल सिंह ने कहा कि अपराधी की कोई जाति नहीं होती और दोषियों को कठोर सजा दिलाना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए पूरे पुलिस तंत्र को सक्रिय किया गया है और अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी स्तर से आरोपितों को कोई मदद न मिल सके। मुख्यमंत्री को लगातार घटनाक्रम की जानकारी दी जा रही है।
विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शन पर प्रभारी मंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्ष इस संवेदनशील मामले को राजनीतिक रंग देकर हल्का करने और सच्चाई पर पर्दा डालने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ दल इसे जातिवाद से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं, जो उचित नहीं है। उनका कहना था कि विपक्ष को पुलिस को निष्पक्ष जांच और कार्रवाई करने का अवसर देना चाहिए, क्योंकि राजनीतिक हस्तक्षेप से जांच प्रभावित होती है।
पूर्व विधायक संगीत सोम पर लगाए गए आरोपों के सवाल पर प्रभारी मंत्री ने कहा कि यदि किसी भी प्रकार का तथ्य सामने आता है तो सरकार उसकी निष्पक्ष जांच कराएगी। उन्होंने दोहराया कि सरकार की प्राथमिकता पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना और दोषियों को कानून के शिकंजे में लाना है।
