
गंगा एक्सप्रेस-वे औद्योगिक गलियारे में निवेशकों की रुचि, अमेरिकी कंपनी 3,000 करोड़ के निवेश की तैयारी
यूपीडा द्वारा गंगा एक्सप्रेस-वे के किनारे विकसित किए जा रहे औद्योगिक गलियारे को लेकर देश और विदेश की कई कंपनियां उद्योग लगाने में रुचि दिखा रही हैं। बीते कुछ महीनों में 50 से अधिक कंपनियों के प्रतिनिधिमंडल यहां का दौरा कर चुके हैं, जबकि भूमि आवंटन के लिए अब तक एक हजार से ज्यादा आवेदन प्राप्त हुए हैं।
सोमवार को अमेरिका की बाल कॉरपोरेशन की भारतीय इकाई बाल बेवरेज प्राइवेट लिमिटेड के अधिकारियों ने मेरठ पहुंचकर प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण किया। टीम ने करीब तीन घंटे तक संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर उद्योग स्थापना से जुड़ी सुविधाओं और उनकी उपलब्धता की समय-सीमा पर चर्चा की। कंपनी ने परियोजना के लिए लगभग 16 हेक्टेयर भूमि की मांग की है। अनुमान है कि इस परियोजना में करीब 3,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।
इससे पहले भी कंपनी के अधिकारी 16 अक्टूबर को यहां आकर हालात का जायजा ले चुके हैं। इस बार दौरे के दौरान कंपनी के प्रोजेक्ट हेड माइकल रुबीक, प्रोजेक्ट कंस्ट्रक्शन कंसलटेंट एजेंसी के सुनील ओझा समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। उनके साथ लखनऊ से यूपीडा के भूमि अधिग्रहण अधिकारी नरेंद्र सिंह भी पहुंचे।
यूपीडा के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी की ओर से जिला प्रशासन को पहले ही इस दौरे की सूचना दी गई थी। इसके चलते मौके पर उप आयुक्त उद्योग दीपेंद्र कुमार, इनवेस्ट यूपी के उद्योग मित्र ऋषभ सक्सेना, तहसीलदार रवि प्रजापति सहित अग्निशमन विभाग, विद्युत निगम, पीडब्ल्यूडी, जल निगम, लघु सिंचाई विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और इंद्रप्रस्थ गेल गैस लिमिटेड के अधिकारी भी उपस्थित रहे।
मेरठ में अमेरिकी कंपनी 3,000 करोड़ रुपये का निवेश कर सकती है, 16 हेक्टेयर जमीन की जरूरत
मेरठ में यूपीडा द्वारा गंगा एक्सप्रेस-वे के पास विकसित किए जा रहे औद्योगिक गलियारे में देशी-विदेशी कंपनियों की रुचि बढ़ती जा रही है। पिछले कुछ महीनों में 50 से अधिक कंपनियों की टीमों ने यहां दौरा किया है, जबकि जमीन के लिए एक हजार से ज्यादा आवेदन मिल चुके हैं।
सोमवार को अमेरिकी कंपनी बाल कारपोरेशन की भारतीय इकाई बाल बेवरेज प्रा. लि. की टीम ने औद्योगिक गलियारा का दौरा किया और जिला प्रशासन तथा यूपीडा अधिकारियों के साथ करीब तीन घंटे की बैठक में उद्योग स्थापित करने के लिए आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता और समय सीमा के बारे में चर्चा की। कंपनी को यहां 16 हेक्टेयर जमीन की आवश्यकता है और अनुमान है कि यह परियोजना लगभग 3,000 करोड़ रुपये का निवेश लेकर आएगी।
कंपनी की टीम में इस बार प्रोजेक्ट हेड माइकल रुबीक और कंस्ट्रक्शन कंसलटेंट एजेंसी के सुनील ओझा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। यूपीडा के भू अर्जन अधिकारी नरेंद्र सिंह भी टीम के साथ मेरठ पहुंचे। प्रशासनिक पक्ष से उप आयुक्त उद्योग दीपेंद्र कुमार, इनवेस्ट यूपी के उद्योग मित्र ऋषभ सक्सेना, तहसीलदार रवि प्रजापति के अलावा मुख्य अग्निशमन अधिकारी, पावर कारपोरेशन, पीडब्ल्यूडी, जल निगम, लघु सिंचाई के एक्सईएन, क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी और गेल गैस प्रबंधक मौजूद रहे।
फोकस सुविधाओं की उपलब्धता पर
यूपीडा के अधिकारी नरेंद्र सिंह के अनुसार, कंपनी की टीम ने इस दौरे में केवल औद्योगिक गलियारे की भूमि की लोकेशन ही नहीं देखी, बल्कि बिजली, पानी, गैस और अन्य सुविधाओं की उपलब्धता में लगने वाले समय के बारे में जानकारी ली। टीम ने हाईवे के पास स्थित पेट्रोल पंप पर बैठकर पर्यावरण मंजूरी, बिजली आपूर्ति सिस्टम और गैस लाइन की स्थापना के समय की जानकारी जुटाई।
तीन हजार करोड़ रुपये के निवेश की संभावना
बाल बेवरेज प्रा. लि. मुख्य रूप से बीयर, सॉफ्ट ड्रिंक और घरेलू उत्पादों के लिए एल्युमिनियम के केन बनाती है, जो मजबूत और रिसाइकिल योग्य होते हैं। यह बाल कारपोरेशन की भारतीय इकाई है। अधिकारियों का अनुमान है कि कंपनी मेरठ औद्योगिक गलियारे की लोकेशन और जमीन को लेकर सकारात्मक है। जल्द ही लखनऊ में कंपनी, यूपीडा और मुख्यमंत्री के बीच फाइनल बैठक हो सकती है, जिसमें औपचारिक अनुबंध की कार्रवाई भी हो सकती है।
