मेरठ में रैपिड-मेट्रो कॉरिडोर के विकास के लिए समन्वय योजना बनाई जाएगी। कमिश्नर भानू चंद्र गोस्वामी ने सड़क, नाला निर्माण और डिवाइडर कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। मेडा को नगर निगम और एनसीआरटीसी के साथ मिलकर डीपीआर तैयार करने को कहा गया है। कमिश्नर ने सफाई व्यवस्था सुधारने और जल निकासी का अध्ययन कराने के भी निर्देश दिए।

मेरठ साउथ से मोदीपुरम नॉर्थ स्टेशन तक रैपिड-मेट्रो कॉरिडोर के साथ दिल्ली रोड और रुड़की रोड के समग्र विकास के लिए एक समन्वित योजना तैयार की जाएगी। इस योजना के तहत सड़क निर्माण, नालों का पुनर्निर्माण और डिवाइडर से जुड़े कार्यों को व्यवस्थित रूप से पूरा किया जाएगा, ताकि किसी भी प्रकार की कमी न रह जाए। बुधवार को कमिश्नर भानू चंद्र गोस्वामी ने नगर निगम, मेडा और एनसीआरटीसी अधिकारियों के साथ बैठक में यह दिशा-निर्देश दिए।
कमिश्नर ने मेडा को नगर निगम और एनसीआरटीसी के साथ समन्वय स्थापित करते हुए एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने का निर्देश दिया है। उनके अनुसार मेरठ साउथ भूड़बराल से परतापुर, मेवला फ्लाईओवर, मेट्रो प्लाज़ा, बेगमपुल और आगे रुड़की रोड तक सभी विकास कार्यों को एकरूपता और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाएगा।
इसके साथ ही उन्होंने नगर निगम की सफाई व्यवस्था की समीक्षा की, जिसमें संसाधनों की कमी सामने आई। उन्होंने कहा कि सफाई व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए आवश्यक संसाधनों की पूर्ति हेतु कार्ययोजना तैयार की जाए। ड्रेनेज से जुड़े मास्टर प्लान की प्रगति के बारे में भी जानकारी ली गई। कमिश्नर ने निर्देश दिया कि बरसात से पहले नालों की जल निकासी का विस्तृत अध्ययन कर सभी बाधाओं को समय पर दूर किया जाए।
कमिश्नर ने एनसीआरटीसी अधिकारियों को यह भी याद कराया कि रैपिड-मेट्रो कॉरिडोर का निर्माण तो पूरा हो चुका है, लेकिन नीचे सड़क और डिवाइडर संबंधी कार्य अभी लंबित हैं। उन्होंने इन कार्यों को प्राथमिकता देते हुए तेजी से पूरा करने को कहा। डिवाइडर के सुंदरीकरण की योजना भी अगली बैठक में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
मेडा को घंटाघर क्षेत्र के सौंदर्यीकरण की कार्ययोजना तैयार करने के लिए भी कहा गया।
बैठक में नगर आयुक्त सौरभ गंगवार, मेडा उपाध्यक्ष संजय कुमार मीना सहित अन्य अधिकारी और एनसीआरटीसी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
