अपहृत किशोरी रूबी की बरामदगी के बाद उसके स्वजनों ने पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं। परिवार का आरोप है कि पुलिस रूबी पर दबाव डालकर उससे मनगढ़ंत बयान दिला सकती है। स्वजनों ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा है कि जब तक रूबी को परिवार के सामने नहीं लाया जाता और उनसे बात नहीं कराई जाती, तब तक वे बरामदगी के दावे पर भरोसा नहीं करेंगे।

HIGHLIGHTS
- रूबी की बरामदगी के बाद स्वजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए।
- परिवार का दावा, दबाव बनाकर दिलाए जा सकते हैं झूठे बयान।
- मृतका सुनीता के पति ने बेटी से मुलाकात और बातचीत की मांग की।
- भाई नरसी ने कहा, पहले बहन को परिवार को सौंपे पुलिस।
- स्वजनों ने पूरे मामले में निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की।
हीरा संवाददाता, मेरठ। अपहृत किशोरी रूबी की बरामदगी के बाद उसके स्वजन ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। परिवार का आरोप है कि पुलिस रूबी पर दबाव बनाकर उससे मनगढ़ंत और झूठे बयान दिलवा सकती है। स्वजनों ने निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग करते हुए कहा है कि सच्चाई तभी सामने आएगी, जब रूबी को बिना किसी दबाव के न्याय मिलेगा।
जानकारी के अनुसार कपसाड़ क्षेत्र के रजवाहे से रूबी के अपहरण के बाद आरोपी पारस सोम उसे पहले खतौली स्थित अपनी रिश्तेदारी में ले गया। शाम को सुनीता की मौत की सूचना मिलने पर दोनों दिल्ली पहुंचे और एक होटल में रात बिताई। इसके बाद वे गुरुग्राम चले गए, जहां आरोपी अपने एक दोस्त के पास रुका। गांव में तनाव बढ़ने की जानकारी मिलने पर पारस सोम रूबी को साथ लेकर ट्रेन से सहारनपुर पहुंचा। यहां टपरी गांव में उसकी बहन के घर शुक्रवार रात दोनों ठहरे।
शनिवार को पारस सोम हरिद्वार जाने के लिए ट्रेन में सवार हुआ। इसी दौरान उसने झोलाछाप राजेंद्र से अपने परिवार के बारे में जानकारी ली। काफी प्रयासों के बाद पुलिस ने रूबी और पारस सोम को अपनी हिरासत में ले लिया।
उधर, मृतका सुनीता के पति सतेंद्र जाटव का कहना है कि उन्हें बेटी रूबी की बरामदगी की सूचना सीओ सरधना आशुतोष कुमार ने दी, लेकिन अब तक न तो उन्होंने बेटी को देखा है और न ही उससे बात कराई गई है। उन्होंने कहा कि जब तक बेटी उनके सामने नहीं लाई जाती और उनसे बात नहीं होती, तब तक वह पुलिस के दावे पर भरोसा नहीं कर सकते। उनका आरोप है कि पुलिस उनकी बेटी पर दबाव बनाकर गलत बयान दिला सकती है। उन्होंने मांग की कि पहले बेटी को परिवार को सौंपा जाए, उसके बाद ही पुलिस उसके बयान दर्ज करे।
इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कराने वाले रूबी के भाई नरसी ने भी पुलिस पर अविश्वास जताया है। उन्होंने कहा कि बहन की बरामदगी की सूचना उन्हें भी सीओ सरधना ने दी है और दोनों को मेरठ लाए जाने की बात कही गई है। जब तक बहन से बात नहीं कराई जाएगी और उसे परिवार से नहीं मिलवाया जाएगा, तब तक वह बरामदगी की बात नहीं मानेंगे। नरसी का कहना है कि पुलिस बहन को डरा-धमकाकर या गुमराह कर कुछ भी बयान दिला सकती है, इसलिए पहले उसे सुरक्षित रूप से परिवार को सौंपा जाए।
