
हापुड़ अड्डा चौराहे पर जाम की मुख्य वजह बन रहे खानपान के होटलों के अतिक्रमण को हटाने पहुंची नगर निगम की टीम को दुकानदारों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। सड़क की पटरी पर रखा गया सामान और बर्तन हटाए जाने पर दुकानदारों ने हंगामा खड़ा कर दिया, जिसके चलते निगम के प्रवर्तन दल और दुकानदारों के बीच तीखी बहस हो गई।
दुकानदारों के जबरदस्त विरोध के कारण नगर निगम की टीम चार होटलों का अतिक्रमण हटाकर लौट गई। नगर निगम अधिकारियों का आरोप है कि हंगामे के दौरान सरकारी वाहनों पर पथराव भी किया गया। स्थिति बिगड़ने पर मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। मामले की जानकारी एडीएम सिटी को दे दी गई है।
हापुड़ अड्डा चौराहे पर एसके छोले-भटूरे, पहलवान होटल, हाजी इस्लाम पहलवान होटल और पहलवान हलीम बिरयानी होटल की भट्ठियां और काउंटर सड़क पटरी पर लगे थे। इसके चलते बुलंदशहर की ओर जाने वाली बसों को सवारी बैठाने के लिए सड़क पर खड़ा होना पड़ता था, जिससे करीब तीन मीटर सड़क संकरी हो गई थी। यहां तक कि रेड लाइट भी अतिक्रमण की चपेट में आ गई थी और चौराहे पर भीषण जाम की स्थिति बन रही थी।
लगातार शिकायतें मिलने के बाद सहायक नगर आयुक्त शरद पाल के नेतृत्व में नगर निगम का अतिक्रमण दस्ता मौके पर पहुंचा और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की।
नगर निगम की टीम ने दुकानदारों से स्वयं सामान हटाने को कहा, लेकिन लगातार विरोध जारी रहा। इसके बाद निगम की जेसीबी से होटलों के बाहर रखा सामान और भट्ठियां तोड़ दी गईं। काउंटर टूटने के दौरान दुकानदार नईम अचानक बेहोश होकर गिर पड़े, जिससे मौके पर मौजूद दुकानदारों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने नारेबाज़ी करते हुए विरोध तेज कर दिया।
सूचना मिलते ही एआईएमआईएम पार्षद शाहिद अंसारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि नगर निगम को पहले दुकानदारों को सूचना देनी चाहिए थी। उन्होंने आरोप लगाया कि हापुड़ रोड पर कमेला पुल तक अतिक्रमण फैला हुआ है, लेकिन केवल चार-पांच होटलों को ही निशाना बनाया जाना गलत है।
उधर, कार्रवाई से नाराज़ व्यापारी एडीएम सिटी कार्यालय पहुंच गए और अपनी आपत्ति दर्ज कराई। इस पूरे मामले पर सहायक नगर आयुक्त ने कहा कि पूर्व में होटल स्वामियों और दुकानदारों को अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस दिए जा चुके थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हंगामे के दौरान सरकारी वाहन पर पथराव किया गया है, जिसकी जानकारी जिला प्रशासन को दे दी गई है।
